MP News: शहर के कोकता में सरकारी जमीन पर हुए निर्माणों को लेकर राहत की याचिका हाइकोर्ट ने रद्द कर दी। 22 सितंबर के बाद तहसीलदार के माध्यम से कार्रवाई के नोटिस जारी होंगे।
MP News: भोपाल के कोकता में सरकारी जमीन पर हुए निर्माणों को लेकर राहत की याचिका हाइकोर्ट ने रद्द कर दी। याचिकाकर्ताओं को नामांतरण के लिए राजस्व अधिकारी के पास जाने की छूट दी गई। कोकता पशुपालन विभाग को आवंटित जमीन पर निर्माण करने वालें ने प्रशासन के नोटिस के खिलाफ राहत के लिए हाइकोर्ट का रूख किया था। यहां याचिका शुभम कुमार राय और अन्य लोगों ने दायर की थी। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं के वकील कुणाल ठाकरे ने अपनी दलीलें विस्तार से रखीं। लंबी बहस के बाद उन्होंने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 129(5) के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पास जाने की स्वतंत्रता दी जाए। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने अपने आदेश में कहा कि याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाती है और याचिकाकर्ताओं को उनके अनुरोध के अनुसार संबंधित अधिकारी के पास जाने की स्वतंत्रता होगी। इस मामले में सरकार की ओर से वकील आलोक अग्निहोत्री उपस्थित थे।
मामले में एसडीएम के पास अपील की जाएगी। प्रशासन ने ही कोकता पशुपालन विभाग की जमीन पर सीमांकन कर नोटिस जारी किए थे। अपने ही जारी नोटिस के खिलाफ यहां से कोई निर्णय मुश्किल है। ऐसे में 22 सितंबर के बाद तहसीलदार के माध्यम से कार्रवाई के नोटिस(Demolished) जारी हो सकते हैं।