भोपाल

मंत्री कैलाश ने ऐसा क्या कहा कि उमंग सिंघार को कहना पड़ा- ‘मैं अपनी औकात में…’

MP News: मध्य प्रदेश में विधानसभा के चौथे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।

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Feb 19, 2026
एआई जनरेटेड फोटो

MP News: मध्य प्रदेश की विधानसभा सत्र का चौथा दिन हंगामेदार रहा। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली। सिंघार के द्वारा सदन में सरकार और अदाणी समूह के बीच समझौते का मुद्दा उठाया था।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संबोधन देते वक्त कहा कि अदाणी को बिजली खरीदने के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उसी दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने इसका सबूत मांगा। जिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मेरे पास सबूत है। इसी दौरान बहस तेज हो गई और कैलाश विजयवर्गीय ने आपा खोते हुए ऐसे कुछ शब्द कहे जिसे विधानसभा ने रिकॉर्ड से विलोपित कर दिया है। जिसके बाद सदन में काफी देर तक बहस और हंगामे का दौर जारी रहा।

जब नेता प्रतिपक्ष अपना संबोधन दे रहे थे और यह कह रहे थे कि अदाणी को बिजली खरीदने के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे, तब मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इसका सबूत दें।

इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनके पास सबूत है और वे दिखा देंगे। इसी दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई और बहस शुरू हो गई। बहस के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को कुछ ऐसे शब्द कह दिए। जिसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया।

उमंग सिंघार बोले- मैं अपनी औकात में हूं

उमंग सिंघार ने कहा कैलाश विजयवर्गीय को जवाब देते हुए कहा कि मंत्री जी, मैं अपनी औकात में हूँ,मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है। मेरी इसी औकात ने आपको इतना बौना बना दिया कि आपके अंदर का असली चेहरा बाहर आ गया, मेरी इसी औकात ने आपको भगीरथपुरा पर बहस करने पर मजबूर किया।

अपशब्द नहीं 7.5 करोड़ जनता का अपमान

आगे सिंघार ने लिखा कि ये अपशब्द केवल उमंग सिंघार या किसी एक नेता प्रतिपक्ष के लिए नहीं थे, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है। जनता को कीड़े-मकोड़े समझने की मानसिकता रखने वाले मंत्री विजयवर्गीय ने असल में अपने अहंकार का परिचय दिया है। 35 परिवार उजड़ गए, लोग बेघर हो गए और सवाल पूछने पर “औकात में रहो” कहा जाता है?

जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझ रहे

नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं। याद रखिए मंत्री जी, लोकतंत्र में असली ताकत जनता है, कुर्सी नहीं। जिस जनता को आप औकात याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, वही जनता चुनाव के दिन असली औकात दिखाती है। मध्यप्रदेश अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। अहंकार और असंवेदनशीलता से चलने वाली निकम्मी सरकार को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना जानती है।

Updated on:
19 Feb 2026 07:54 pm
Published on:
19 Feb 2026 07:38 pm
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