MP News: मध्य प्रदेश के दो मंत्रियों को गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली तलब किया गया। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
MP News: मध्य प्रदेश का विधानसभा बजट सत्र समाप्त होने के बाद 28 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने दिल्ली में राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष से भी मुलाकात की। जैसे ही मुख्यमंत्री की दोनों के साथ मुलाकात खत्म हुई। तुरंत बाद अमित शाह के दफ्तर ने कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को दिल्ली तलब किया गया है। इसके बाद दोनों मंत्रियों ने दिल्ली पहुंचकर अमित शाह से मुलाकात की।
सूत्र बताते हैं कि विधानसभा सत्र के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने जो बयान दिए थे। उनके बयान से पार्टी की जमकर किरकिरी हुई थी। सरकार पर विपक्ष ने भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में जमकर विरोध किया था। हालांकि, सवाल एक नहीं है…सवाल तो कई हैं। क्योंकि भागीरथपुरा दूषित पानी के बाद भी कैलाश विजयवर्गीय के तीखे और तल्ख तेवर दिखे। उन्होंने विधानसभा सत्र में भी नजर कहीं और निशाना कहीं और…लगाया। राजनीतिक गलियारों में कयासों के दौरा जारी हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा में हुई बयानबाजी को लेकर दोनों नेताओं को मुलाकात के लिए दिल्ली बुलाया था।
कैलाश बोले- सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है…विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने डॉग बाइट को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसको लेकर कैलाश ने श्वानों को इंसाना का पुराना दोस्त बताया था। जिस पर भंवर सिंह शेखावत ने उन्हें कुत्तों का प्रभारी मंत्री कह दिया। जिस पर कैलाश ने तंज कसते हुए कहा कि तंज कसते हुए कहा कि सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है।
ऐसे ही अडानी मामले पर कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की सलाह डे डाली दी थी। इस बहस के बाद सदन की कार्यवाही को तीन बार स्थगित करना पड़ा। हालांकि, उमंग सिंघार ने भी कहा था कि मैं तुम्हें औकात दिखा दूंगा। इस बयान के बाद जब सीएम ने माफी मांगी तो कैलाश ने कहा कि सीएम कैप्टन है माफी मांगी तो क्या गलत हुआ? सत्र के दौरान कैलाश विजयवर्गीय के दौरान कई विवादास्पद बयान दिए गए थे।
सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, हमारी यह मंशा नहीं थी, हम तो कह रहे थे कि सदन में जो कबूतर उड़ रहा है, वह भी हमें कुछ सिखाने के लिए आया है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, मुझे पता नहीं है, इतने समय से, इतने साल से सदन चल रहा है, आज ही कबूतर क्यों आया। यह दिल्ली से तो नहीं आया (हंसते हुए) मैंने पहली बार अंदर कबूतर देखा है।
सूत्र की मानें तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल पार्टी के सीनियर नेताओं में से एक हैं। इन मंत्रियों में से एक के पास नगरीय पंचायत तो एक के पास पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग है। इन दोनों अपने जूनियर साथी के नीचे काम करना पड़ रहा है, जिसका दर्द समय दर समय छलकता रहता है।