
mp nurses council : देश-दुनिया की तरह एमपी में भी जेन Z अपने हितों के लिए एक्टिव है। प्रदेश में समय पर परीक्षाएं नहीं हो रहीं हैं और न ही परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थी परेशान हैं। नर्सिंग में तो हाल बेहद बुरे हैं। समय पर परीक्षाएं और रिजल्ट घोषित करने में नर्सेस काउंसिल फेल हो चुकी है। इसके विरोध में छह दिन से छात्र धरने पर बैठे हैं। विद्यार्थियों के तगड़े प्रदर्शन के बाद नर्सेस काउंसिल के बड़े अफसर पर कार्रवाई की गाज गिर गई। शासन ने रजिस्ट्रार को हटा दिया है।
भोपाल में स्वास्थ्य विभाग ने समय पर नर्सिंग परीक्षाएं और रिजल्ट घोषित करने में फेल नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार मुकेश सिंह पर सख्ती दिखाई। उन्हें पद से हटा दिया। विभाग ने स्वास्थ्य उपसंचालक डॉ. उपेन्द्र धोते को रजिस्ट्रार का प्रभार सौंपा है।
नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार मुकेश सिंह की कार्यप्रणाली से छात्र नाराज थे। इसे लेकर नर्सिंग विद्यार्थी काउंसिल के सामने लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी साफ कर दिया है कि सभी मांगें पूरी होने पर ही वे हटेंगे। सिर्फ रजिस्ट्रार का हटाना ही काफी नहीं है।
नर्सिंग छात्र संगठन के प्रतिनिधि संदीप परमार ने कहा, सत्र 2022- 23 से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर अमल नहीं किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश को एक साल हो गया लेकिन अब तक परीक्षाएं नहीं कराईं। इससे विद्यार्थियों का कॅरियर खराब हो रहा है।
अपनी मांगों को लेकर संगठन, नर्सिंग काउंसिल के सामने 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहा है। उनका कहना है, सिर्फ रजिस्ट्रार का हटाना ही काफी नहीं है। जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होती, प्रदर्शन जारी रहेगा।
जीएनएम व बीएससी नर्सिंग के रिजल्ट घोषित करें। परीक्षा कराएं।
अजा-अजजा, ओबीसी वर्ग के नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्रों को छात्रवृत्ति दें।
ईडब्ल्यूएस में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति।
नर्सिंग-पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय विवि से हटाकर मेडिकल विवि से जोड़ें।
नर्सिंग शिक्षा में भ्रष्टाचार खत्म कर फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करें।