
mp cm mohan yadav- भोपाल के लाल परेड मैदान में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य आयोजन को संबोधित करते सीएम मोहन यादव।
mp cm mohan yadav independence day speech 2026- हमने 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की हैं तथा आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे। इसी तरह अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई में ट्रेनिंग दी जाएगी।
यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कही। वे राजधानी के लाल परेड मैदान से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मध्यप्रदेश सरकार की कई उपलब्धियां भी गिनाई और बलिदानियों और शहीदों को नमन भी किया। परेड की सलामी लेते हुए सैनिकों के शौर्य को भी उन्होंने सलाम किया।
मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इसी प्रकार अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई में तथा प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में कौशल प्रशिक्षण दिलाने का काम करेगी। हम कौल विकास के अंतर्गत मध्यप्रदेश में एक अलग प्लेसमेंट सेल बनाएंगे जो उद्योग और सरकार के बीच एक कड़ी का काम करेगा।
कई बार हमारे मन में ऐसी धारणा बन जाती है कि रोजगार मुख्य रूप से केवल उद्योगों या नौकरियों से ही मिलता है। लेकिन मैं प्रदेश के युवाओं को बताना चाहूंगा कि मध्यप्रदेश में असिंचित खेती भी रोजगार के एक बड़े साधन के रूप में उभर रही है। मैं खेती में रुचि रखने वाले युवाओं से आव्हान करना चाहूंगा कि वे अधिक से अधिक उद्यानिकी फसलों को अपनाएं। आज मध्य्रदेश संतरा, केला, अंगूर, सीताफल सब्जी और मसालों से लेकर मखाने, ब्लूबेरी, स्ट्राबेरी, ड्रैगन फ्रूट, गेंदा और गुलाब की खेती तक नई तकनीक और नई फसलें किसानों की तकदीर को बदल रही है।
धार का पीएम मित्र पार्क, 21 हजार 500 करोड रुपए से अधिक के निवेश के साथ वस्त्र क्रांति की नई कहानी लिख रहा है। राज्य सरकार का विजन है कि हम प्रत्येक जिले में एक एमएसएमई पार्क की स्थापना करेंगे, इसके साथ ही प्रदेश के 10 एमएसएमई क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। भोपाल में इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए 30 करोड़ रुपए की लागत से नए केंद्र की स्थापना की जा रही है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि डाक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने पिछले तीन माह में एक हजार नए डाक्टरों की नियुक्ति की है। अगले 6 माह में हम 1 हजार और डाक्टरों की नियुक्ति करने जा रहे हैं।
मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की स्थापना 1 नवंबर 2026 से हम मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने जा रहे हैं। इससे रोगी की सभी जानकारियां डिजिटल रूप में रखी जाएगी। मरीज की जांच के बाद उन्हें विशेषज्ञ डाक्टरों का परामर्श भी आनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी की पूर्ति भी हो सकेगी और मरीज को भी डाक्टर का परामर्श लेने के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को पूरा मध्यप्रदेश देशभक्ति के रंग में रंग गया। चारों ओर तिरंगा लहराया और देशभक्ति गीतों ने युवाओं को उत्साह से भर दिया। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन हुआ और ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन की धुन बजाई गई। उसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। परेड में सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया और पुलिस बैंड ने देश भक्ति गीतों की धुनों से वातावरण में राष्ट्र प्रेम और समर्पण के भाव का संचार किया। परेड में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नाम अपने संदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC), किसान, खेत, निवेश, शिक्षा, युवा, वन, धर्म-संस्कृति सहित हर क्षेत्र का जिक्र किया।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं प्रदेश के साढ़े आठ करोड़ नागरिकों की ओर से आजादी के सभी जननायकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चरणों में, कोटि-कोटि वन्दन करता हूं। स्वाधीनता के इस संग्राम में, रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल और टंट्या मामा भील से लेकर चंद्रशेखर आजाद तक मध्यप्रदेश के अनगिनत वीर सपूतों ने भी अपनी आहुतियां दी हैं। कृतज्ञ मध्यप्रदेश आज उन सभी को श्रृद्धा पूर्वक नमन करता है। उन्होंने कहा मैं मध्यप्रदेशवासियों की ओर से, पुलिस और हॉक फोर्स के उन वीर जवानों को श्रृद्धांजलि अर्पित करता हूं, जो आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर, असीम शौर्य का परिचय देते हुए, वीरगति को प्राप्त हुए। ऐसे ही जांबाजों की बदौलत, नक्सल मुक्त प्रदेश बनाने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल ने, भारत वर्ष की महिमा को इन पंक्तियों में व्यक्त किया है, 'भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरूष है, हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है, पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं। पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघाएं हैं। कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है। यह चन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है, यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है। इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है। हम जिएंगे तो इसके लिए, मरेंगे तो इसके लिए।'
Updated on:
15 Aug 2026 11:31 am
Published on:
15 Aug 2026 11:31 am
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