शिवना उफनी, क्षिप्रा ने फैलाया आंचल तो चंबल की लहरें तटों तक उमड़ी, प्रमुख नदियों में दूसरे दिन भी बढ़ा जल स्तर
पत्रिका टीम भोपाल . मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी है। खासतौर पर मालवा—निमाड अंचल तरबतर हो रहा है। मालवा की प्रमुख नदियों में दो दिन से जारी बारिश के बाद जल स्तर तेज हो गया है। उज्जैन संभाग में क्षिप्रा, शिवना, चंबल सहित सहायक नदियों में आंशिक बाढ़ के हालात है, हालांकि जल स्तर फिलहाल नियंत्रित है, लेकिन एहतियातन तटों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। इधर नर्मदा भी कई जगहों पर खतरे के निशान को छूने की कगार पर है।
मंदसौर में रविवार की रात को ही शिवना का जलस्तर तेजी से बढ़ा और बाढ़ का पानी छोटी पुलिया को पार कर गया। उज्जैन में क्षिप्रा का जल स्तर भी बढ़ता गया और सोमवार को पानी ने तटों के कई मंदिरों को छू लिया। नागदा में चंबल नदी की बाढ़ भी तटों तक फैलने से लोगों को जाने से रोका गया। देवास जिले में भी क्षिप्रा व कालीसिंध सहित सहायक नदियों में मानसूनी बारिश के बाद जल स्तर बढ़ा है।
सोमवार को उज्जैन में हल्की बारिश हुई तो रतलाम और मंदसौर में औसत 3-3 इंच बारिश दर्ज की गई है। नीमच, देवास और आगर-मालवा में भी दोपहर व शाम के समय बारिश हुई है। शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र में बीते दिन दो अलग अलग स्थानों पर बरसाती नालों में बहे एक बालक और बुजुर्ग की दोपहर बाद तक खोजबीन जारी थी। प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी कई लोगों के डूबने या बहने के समाचार हैं।