
मध्यप्रदेश में कुछ अधिकारी मनमानी की मुद्रा में दिख रहे हैं। वे जमी जमाई कुर्सी का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। तबादलों के बावजूद नई पदस्थापना पर नहीं जा रहे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश भी हवा में उड़ा रहे हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के करीब डेढ दर्जन अफसरों को एकतरफा रिलीव कर दिया गया है फिर भी उन्होंने अपनी आमद नहीं दिखाई है। इससे जिलों में काम प्रभावित हो रहे हैं।
राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) के 18 अफसर एकतरफा रिलीव किए जाने के बावजूद ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। इनका तबादला पूर्व में अलग-अलग तारीखों में किया था। लंबा समय बीतने के बावजूद इन्होंने नवीन पदस्थापना वाले स्थानों पर ज्वाइन नहीं किया तो सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 सितंबर को इन्हें एकतरफा रिलीव कर दिया था। तब भी कई एसएएस के अफसरों ने ज्वाइन नहीं किया।
एक तरफा रिलीव किए गए अफसरों में शैलेंद्र सिंह, सपना त्रिपाठी, पीयूष भटट, हुनेंद्र घोरमारे, मायाराम कोल, कैलाश चंद्र ठाकुर, सुधीर कुमार जैन, अनुराग तिवारी, प्रियंका वर्मा, मेधा पंवार, किरण सिंह आंजना, मेघा तिवारी, आरती, सिंह, आकांक्षा करौठिया, राहुल नायक, वैधनाथ वासनिक, रेखा देशमुख, नरोत्तम प्रसाद भार्गव शामिल हैं।
अब हाल ऐसे हैं कि जिन जिले या मंत्रालय के विभागों से इन अफसरों को दूसरे विभाग के लिए भेजा गया वहां पद रिक्त पड़े हुए हैं। इन हालातों में जिले से मंत्रालयों तक कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादलों की अलग अलग तिथियों में सूची जारी की थी। 5 सितंबर को 5 अधिकारियों को अलग -अलग 5 जिला पंचायतों में सीआईओ की जिम्मेदारी दी।
ओमप्रकाश सनोडिया को सीईओ जिला पंचायत से बुलाकर उज्जैन सिंहस्थ मेला का अपर मेला अधिकारी की अहम जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें 2011 बैच के शैलेंद्र सिंह को सतना से दतिया जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया था जबकि 2012 बैच की सपना त्रिपाठी अपर कलेक्टर रीवा को सतना जिला पंचायत का सीईओ बनाया। शैलेंद्र सिंह और सपना त्रिपाठी सहित कई अधिकारियों ने अभी तक नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं दी है।