DA Allowance Hike: मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को बड़ी राहत, छठा वेतनमान पाने वालों को होगा फायदा, रिटायर्ड कर्मचारियों और मृतक कर्मचारियों को परिजनों को मिलेगा एकमुश्त मिलेगा पैसा..
DA Allowance: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के करीब लाखों अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत भरा तोहफा दिया है। सरकार ने महंगाई भत्ते (Dearness allowance) में 5 फीसदी की वृद्धि कर दी है। यह राहत छठा वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलेगी। वित्त विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
सरकारी आदेश के मुताबिक बढ़ा हुआ ये महंगाई भत्ता अप्रैल 2026 से ही लागू किया जा रहा है। लेकिन इसका लाभक 1 जुलाई 2025 से दिया जाएगा। यानी कर्मचारियों को जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर भी मिलेगा। यह एरियर एकमुश्त नहीं बल्कि 6 समान किस्तों में दिया जाएगा। इन किस्तों का भुगतान मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में किया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारी या अधिकारी इस अवधि के दौरान रिटायर्ड हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है उनके नामांकित सदस्य को एरियर की राशि एकमुश्त दी जाएगी। इससे हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार के इस फैसले का दायरा केवल नियमित कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शासन के उपक्रमों, निगम-मंडलों और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में कार्यरत उन कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा, जो राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। फीसदी वृद्धि की गई। यह भी 1 जुलाई 2025 से लागू। इसका लाभ अप्रेल 2026 से मिलेगा। शेष 6 किस्तों में मिलेगा।
इसके साथ ही सरकार ने पांचवां और चतुर्थ वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों के लिए भी राहत भरी घोषणा की है। पांचवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 8 फीसदी की वृद्धि की गई है। जबकि चतुर्थ वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। इन दोनों वर्गों के लिए भी यह बढ़ोत्री 1 जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी। जबकि इसका वास्तविक भुगतान अप्रैल 2026 से शुरू होगा। वहीं एरियर की राशि 6 किस्तों में दी जाएगी।
सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों के लिए महंगाई के दौर में बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे, कर्मचारियों को अब इसका सीधा लाभ मिलने जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार होगा।