
MP Weather Upadate : 10 दिनों के अंतराल के बाद मध्य प्रदेश में आखिरकार मानसून फिर से मेहरबान हुआ है। सोमवार से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में एक बार फिर बारिश का दौर शुरु हो गया है। इनमें मुख्य रूप से सूबे के छतरपुर, टीकमगढ़, सिवनी और दमोह जिले बारिश से जमकर भीगे। जबकि, देर रात से भोपाल में झमाझम बारिश का दौर जारी है। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के 29 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इनमें सबसे ज्यादा छतरपुर जिले के बड़ामलेहरा में सबसे अधिक 90 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। स्थानीय स्तर पर जिस तरह का मौसमी तंत्र बना, उससे इस हफ्के अच्छी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बता दें कि, इससे पहले चार से आठ जुलाई के बीच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 9 जुलाई से प्रदेशभर में पूरी तरह से बारिश की गतिविधियां बंद होने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना तो करना ही पड़ रहा था। साथ ही, किसानों का भी बुरा हाल था। लेकिन अब नए मानसूनी अपडेट ने आम लोगों के साथ - साथ किसानों के लिए बड़ी राहत का अपडेट दिया है।
मौसम विभाग ने सूबे के भिंड, मुरैना, अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। दतिया, पन्ना, निवाड़ी जिलों में अधिकांश स्थानों पर मध्यम वर्षा की संभावना है। अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, दमोह, सागर और मैहर जिलों में भारी से मध्यम बारिश के साथ साथ गरज-चमक की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय बारिश के दो प्रभावी सिस्टम, मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण से निकली ट्रफ लाइन प्रदेश की उत्तरी और दक्षिणी सीमा के नजदीक से गुजर रही है। ऐसे में राज्य के आधे से ज्यादा क्षेत्र में एक साथ तेज बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना ऊपरी वायु चक्रवात पश्चिमी मध्य प्रदेश में नमी पहुंचा रहा है। इसके प्रभाव से इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है।
दक्षिण उत्तर प्रदेश का ऊपरी वायु चक्रवात विशेष रूप से ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों से लगातार नमी मिलने से प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने के संकेत फिलहाल नहीं हैं, लेकिन जब तक बंगाल की खाड़ी में कोई प्रभावी सिस्टम नहीं बनता, तब तक एक साथ और तेज बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले चार दिन तक ज्यादातर जिलों में बारिश का दौर जारी रहने के साथ पूर्वी, दक्षिणी और नर्मदा घाटी के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार दिनभर तो शहरवासियों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा, लेकिन शाम होते होते कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश रिकार्ड की गई, जिससे रात में लोगों ने गर्मी और उमस से राहत की सांस ली। हालांकि, आज मंगलवार तड़के से जहां भोपाल में झमाझम बारिश का दौर जारी है तो वहीं विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हवाएं चलने की भी संभावना है। इन जिलों में मध्यम बारिश के साथ साथ गरज चमक की भी संभावना जताई गई है।