MP Weather Update: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी, लू से परेशान हुए लोग, अरब सागर से आ रही नमी, प्रदेश के चारों ओर बना चक्रवात कराएगा बारिश, मौसम में बढ़ेगी उमस, मौसम विभाग ने दी चेतावनी, दोपहर में बाहर निकलने से बचें...
MP Weather: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर जारी है। रिकॉर्डतोड़ रफ्तार के साथ बढ़ रही गर्मी के इस सीजन में पहली बार कई जिलों में तापमान 45 डिग्री पार पहुंच चुका है। कुछ देर पहले जारी मौसम विभाग के नए अलर्ट में आज प्रदेश के 25 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। दिन तो दिन लोगों के लिए रात में भी गर्मी असहनीय हो गई है। प्रदेश के इंदौर, उज्जैन और भोपाल जैसे शहरों में रात में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। मौसम के इस बदले मिजाज ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
सुबह सूरज निकलने से पहले ही लोग पसीनों में तर हो रहे हैं। अब मौसम विभाग ने 3-4 दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज चमक के साथ हल्की-फुल्की बारिश (MP Weather) के आसार बताए गए हैं। जिससे तापमान भले ही कम होगा लेकिन गर्मी के दिनों में उमस बढ़ जाएगी, जो लोगों को परेशान कर सकती है।खजुराहो में अधिकतम पारा 45 डिग्री पर पहुंच गया। नर्मदापुरम, नौगांव, सागर सहित कई स्थानों पर पारा 44 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। भोपाल में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा।
IMD वैज्ञानिक उमा शंकर दस के मुताबिक अगले दो-तीन दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। उसके बाद थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। लू से राहत मिल सकती है।
IMD ने सोमवार से बुधवार तक प्रदेश के करीब 50 प्रतिशत हिस्से में लू चलने की संभावना जताई है। एमपी के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम समेत एमपी के 25 जिलों में गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को बेहाल कर सकते हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए दोपहर में घरों या ऑफिस से बाहर न निकलने की हिदायत दी है।
मौसम वैज्ञानिक उमाशंकर बताते हैं कि जब तापमान 43-44 डिग्री तक पहुंचता है, तो हवा में मौजूद नमी एक्टिव हो जाती है। इस नमी से बादल बनने लगते हैं। ऐसे में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना होती है। इन दिनों अरब सागर से आ रही नमी आ रही है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम ने प्रदेश के मौसम को प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश के मध्य क्षेत्र में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवाओं का चक्रवात बन रहा है। इसके कारण दोपहर बाद बादल छाने और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। हालांकि यह बारिश गर्मी से राहत देने के बजाय, मौसम में उमस बढ़ा देती है, जिससे लोगों को ज्यादा मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं।
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार, बढ़ते शहरीकरण और कंक्रीट संरचनाएं गर्मी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. सड़कों, फ्लायओवर और इमारतों के कारण गर्मी ज्यादा अवशोषित होती है। वहीं जब रात में बादलों की स्थिति बनती है, तो यह गर्मी वापस नहीं जा पाती, जिससे रातों का तापमान भी बढ़ रहा है और रातों को गर्म बना रहा है।