लोक सभा चुनाव क ी आचार संहिता क ा असर, रविवार क ो भी नगर निगम के जोन-वार्ड क ार्यालय देर शाम तक खुले रहे
भोपाल. नगर निगम का माता मंदिर स्थित मुख्यालय रविवार को अवकाश के दिन भी खुला रहा। शाम को लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होनी थी, इसलिए दिन में बकाया काम पूरे करने की कवायद चली। अपर आयुक्त मयंक वर्मा, कमल सोलंकी कार्यालय में बैठे रहे। कुछ समय के लिए निगमायुक्त बी.विजय दत्ता भी पहुंचे। निगम के सभी 19 जोन व 85 वार्ड कार्यालय खुले रहे। चुनावी तैयारियों में निगम के जिम्मेदारी वाले काम किए गए। इसके अलावा निगम से जुड़े प्रोजेक्ट, भुगतान की फाइलों को तैयार किया गया, ताकि निगमायुक्त के हस्ताक्षर के बाद काम जारी किए जा सकें। सूत्रों के अनुसार करीब 80 कामों के वर्कऑर्डर ठेकेदारों को दिए गए। आईएसबीटी स्थित नगर निगम के दूसरे कार्यालय पर भी हाउस फॉर ऑल से जुड़ी फाइलें और काम पूरे करने अफसर व कर्मचारी जुटे रहे। उधर, स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कॉर्पोरेशन में बी-नेक्स्ट कार्यालय खुला रहा।
निगमायुक्त बी.विजय दत्ता को अब नगर निगम सीमा में चल रहे रनिंग वर्क की फोटो के साथ पूरी रिपोर्ट देनी होगी। जो काम जमीन पर चालू स्थिति में नजर आएंगे, आचार संहिता के दौरान वे ही चलेंगे। जिन कामों के वर्क ऑर्डर जारी हो गए हों, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ हो, वे अब चुनाव के बाद ही शुरू हो पाएंगे।
नगर निगम का बजट भी अटक गया
महापौर परिषद से मंजूर बजट पर निगम परिषद की मुहर के लिए 12 मार्च को बैठक प्रस्तावित थी। परिषद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान का कहना है कि महापौर ने तारीख तय की। अब निगमायुक्त के माध्यम से जो नियमानुसार होगा करेंगे। महापौर शर्मा का कहना है कि महापौर परिषद बैठक के बाद एजेंडा जारी होता है। सात दिन बाद बैठक की जा सकती है। 12 मार्च को सात दिन हो रहे थे। गौरतलब है कि महापौर परिषद द्वारा मंजूर बजट के आधार पर चुनाव आयोग की मंजूरी से निगम के खर्च के लिए बजट का उपयोग करेंगे। चुनाव के बाद बजट बैठक करेंगे।
सात दिन पहले बंद कर दी बुकिंग
निगम ने नए बजट के लिए मार्च महीने के शुरुआत में ही नए कामों के लिए राशि बुकिंग बंद कर दी थी। इसके लिए सेप सॉफ्टवेयर है, जिसके लॉक होने के बाद निगम का कोई काम नहीं हो पाएगा। आचार संहिता लागू होने के बाद अब बजट बैठक नहीं होगी। सेप का लॉक अब चुनाव बाद ही खुलेगा।
इतने आरओबी अटकेंगे
बरखेड़ी रेल ओवरब्रिज का भूमिपूजन हो गया, लेकिन वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुए। 25 करोड़ की लागत वाले आरओबी का काम मई के बाद शुरू हो पाएगा।
36 करोड़ की लागत से बनने वाले करोंद आरओबी के वर्क ऑर्डर भी जारी नहीं हुए। इसका काम भी बाद में ही शुरू हो पाएगा।
अब ये चुनाव बाद ही शुरू होंगे
- 98 प्रतिशत बन चुकी स्मार्टरोड कुछ घरों के शिफ्ट नहीं हो पाने की वजह से लोकार्पित नहीं हो पाई थी।
- 99 फीसदी काम आर्चब्रिज का हो चुका है। दो घर शिफ्ट नहीं होने से एप्रोच रोड का काम पूरा नहीं हो पाया।
- मनुआभान की टेकरी पर भारत माता मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने के बावजूद काम शुरू नहीं। ये चुनाव बाद ही शुरू होगा
कांग्रेसियों ने निगम कर्मियों को धमकाया
नगर निगम अमले ने राजनीतिक होर्डिंग, पोस्टर, बैनर आदि निकालने का अभियान शुरू किया। अमला प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने लगे होर्डिंग निकालने पहुंचा। वहां मौजूद कुछ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए धमकाया कि आचार संहिता केवल 2 महीने के लिए लगी है। बाद में सबको देख लेंगे। कभी सफाई, पानी की व्यवस्था भी देख लिया करो। आचार संहिता लगे हुए दो घंटे भी नहीं हुए और होर्डिंग निकालने सीधे पीसीसी कार्यालय आ गए। इसके बाद नगर निगम अमला वहां के होर्डिंग छोड़कर आगे बढ़ गया।
धारा-144 लागू
भोपाल. आचार संहिता लागू होते ही जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर सुदाम खाडे ने धारा-144 लागू करते हुए 8400 शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। कर्मचारियों के अवकाश भी रद्द कर दिए हैं। राजनैतिक दलों से संबंधित होर्डिंग्स 24 घंटे में हटा दिए जाएंगे। डीजे प्रतिबंधित रहेगा। नवरात्र और शादी समारोह में लाउड स्पीकर की अनुमति जिला प्रशासन से लेनी होगी। उधर, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका है, विशेष मामलों में मतदाता परिचय पत्र में सुधार के लिए आवेदन दे सकते हैं। जिले में 550 मतदाता केन्द्र संवेदनशील हैं, जिनकी संख्या घटती बढ़ती रहती है। बाहरी जिलों के वाहनों की जांच की जाएगी। दृष्टिबाधितों के मतदान के लिए ब्रेल लिपि में सूची प्रकाशित होगी। एक एप पर भी काम चल रहा है।
फस्र्ट लेवल चेकिंग शुरू, हुजूर और उत्तर विस की 662 ईवीएम पर फैसला 13 तक
भोपाल. लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता की घोषणा होते ही पुरानी जेल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम और वीवीपैट की एफएलसी (फस्र्ट लेवल चेकिंग ) शुरू हो गई है। बैरसिया, गोविंदपुरा, मध्य, नरेला, दक्षिण पश्चिम विस की मशीनों की एफएलसी पूरी हो चुकी है। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद शनिवार को मध्य विधानसभा की 253 ईवीएम की एफएलसी शुरू की गई है। हुजूर और उत्तर विधानसभा की 662 ईवीएम अभी भी अटकी हैं। 11 और 13 मार्च को हाईकोर्ट में तारीख लगी है।
दरअसल, विधानसभा चुनाव 2018 के लिए प्रस्तुत शपथ-पत्र में मध्य, उत्तर और हुजूर विधानसभा के विधायकों की तरफ से आपराधिक केस और संपत्ति की जानकारी छुपाने के संबंध में हाईकोर्ट में याचिका लगी थी। कोर्ट के ऑर्डर के बाद इन तीनों विस क्षेत्रों की ईवीएम और वीवीपैट एफएलसी पर रोक लगा दी गई थी। प्रशासन ने इस संबंध में हाईकोर्ट में अपील की थी। कोर्ट के आदेश के बाद ही मध्य विधानसभा की मशीनों की एफएलसी शुरू कराई गई है। अब अगली दो विधानसभा की मशीनों को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से एक एसडीएम स्तर के अधिकारी तारीख पर कोर्ट जाकर पक्ष रखेंगे। इन मशीनों की एफएलसी में समय लग सकता है। इस कारण इनको जल्द ही मुक्त कराने की तैयारी है।
मशीनों की संख्या
राजधानी की सात विधानसभा के 2259 बूथ के लिए 3450 ईवीएम और इतनी ही वीवीपैट हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान सीहोर विधानसभा के 257 बूथ और यहां जुड़ जाएंगे। नियमानुसार जिले में जितने बूथ होते हैं, उससे 20 फीसदी अतिरिक्त मशीनें रखी जाती हैं।
कंट्रोल रूम शुरू
कलेक्टोरेट में निर्वाचन कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। मतदाता नाम और वोटर कार्ड की स्थिति का पता लगाने फोन नंबर 1950 पर रात नौ बजे तक संपर्क कर सकते हैं।
बढ़ी वोटर संख्या
लोकसभा चुनाव में 18 साल से अधिक उम्र के 37091 नए मतदाता और सौ साल से ऊपर के 123 बुजुर्ग वोटर हैं। वोटर संख्या बढ़कर 1907476 पहुंच गई है, जो विधानसभा चुनाव में 1821367 थी।
उत्तर और हुजूर विधानसभा की ईवीएम के लिए 11 और 13 मार्च की तारीख कोर्ट में लगी है। इसके बाद इन विधानसभा की मशीनों पर फैसला होगा।
संतोष कुमार वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी