360 वीडियोज के बारे में मूनिस का कहना है कि इसमें आपको एक स्टिल फ्रेम वाइड एंगल, फिशआई एंगल से भी आगे दिखेगा। 360 कैमरा में 180 डिग्री के दो फिश-आई लेंस लगे होते हैं, स्पॉट्स को शूट करने के बाद इन दोनों फ्रेम को सॉफ्टवेयर की मदद से स्टिच किया जाता है। जिसके बाद फाइनल आउटपुट हमें वर्चुअल वल्र्ड में ले जाता है। वचुर्अल रिएलिटी टेक्नोलॉजी पर बेस्ड इन फोटो-वीडियोज को अगर वीआर ग्लासेज लगाकर देखें तो 7डी जैसा फील करेंगे। मूनिस के मुताबिक बहुत से लोग एेसे हैं जिन्हें देश के हर कोने को देखने का शौक है, लेकिन फाइनेंशियल प्रॉब्लम के चलते वह ट्रैवल नहीं कर पाते हैं। यह टेक्नोलॉजी एेसे लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगी।है।