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India-Bhutan के बीच मजबूत हुई दोस्ती, 4000 करोड़ की ऋण सुविधा समेत इन मुद्दों पर बनी सहमति

Jaishankar in Bhutan: विदेश मंत्री एस. जयशंकर भूटान की आधिकारिक यात्रा पूरी कर भारत लौट आए हैं। इस दौरान भारत-भूटान संबंधों, विकास सहयोग, जलविद्युत परियोजनाओं और गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
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India-Bhutan relations

विदेश मंत्री एस जयशंकर और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक (फोटो-IANS)

India-Bhutan Relations: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को भूटान की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी कर ली है। इस दौरान भारत और भूटान के बीच आपसी सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने यात्रा पूरी होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'भूटान की एक सफल यात्रा पूरी हुई। हमारी दोस्ती के अनोखे रिश्तों की गर्माहट ने दिल छू लिया।' जयशंकर बुधवार को भूटान की आधिकारिक यात्रा पर गए थे। उन्हें भूटान के विदेश और एक्सटर्नल व्यापार मंत्री ल्योंपो डी. एन. ढुंग्येल ने निमंत्रण दिया था। शुक्रवार को जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने भारत-भूटान की खास और कई क्षेत्रों वाली साझेदारी को मजबूत करने में हुई प्रगति का स्वागत किया।

राजा और पीएम मोदी के मार्गदर्शन का जिक्र

संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और भूटान के बीच साझेदारी को भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया जा रहा है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय विकास सहयोग में हुई प्रगति की भी सराहना की। इस मौके पर जयशंकर ने भूटान के विकास लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के लिए भारत का समर्थन जारी रखने की बात दोहराई। वहीं, भूटान ने अपनी 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के लिए भारत से मिले समर्थन की सराहना की। जयशंकर ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (GMC) के लिए भूटान के राजा के विजन पर भारत का सहयोग जारी रखने की बात कही।

जलविद्युत परियोजनाओं पर भी हुई चर्चा

जयशंकर और भूटान के विदेश मंत्री ढुंग्येल ने मार्च 2024 में हुए ऊर्जा साझेदारी के संयुक्त विजन को लागू करने में हुई प्रगति पर संतोष जताया। दोनों ने ऊर्जा क्षेत्र में हाल की प्रगति का भी जिक्र किया। इसमें 1020 मेगावाट की पुनातसांगचू-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन, इसके टैरिफ प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर और 1200 मेगावाट की पुनातसांगचू-I परियोजना के बांध निर्माण को फिर से शुरू करना शामिल है।

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 4000 करोड़ की ऋण सुविधा

संयुक्त बयान में दोनों देशों ने भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 4000 करोड़ रुपये की रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट के समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। साथ ही भूटान की जलविद्युत परियोजनाओं में भारतीय कंपनियों की सक्रिय भागीदारी का भी स्वागत किया। बयान के अनुसार, इससे दोनों देशों के मौजूदा ऊर्जा सहयोग को नई गति मिली है।