इससे पहले शुक्रवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनते- सुनते सिंधिया का पारा अचानक उस वक्त चढ़ गया, जब संवेदनशील मोहन बारेला मामले में गुहार लगाने पहुंचे परिजनों की बात सुनने के लिए मौके पर जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं थे। तभी पता चला कि कलेक्टर और एसपी अपनी गाड़ी में बैठे हैं, इस पर सिंधिया नाराज हो गए और तल्ख लहजे में अधिकारियों की गैरहाजिरी पर सवाल उठाते हुए कहा- कलेक्टर कहां हैं? बुलाओ जल्दी…और जब कलेक्टर-एसपी पहुंचे तो उनसे कहा कि- गाड़ी में मत बैठिए आप दोनों, मेरी ड्यूटी पर हैं। गाड़ी में से नहीं बुलाना पड़े आपको, समझे आप दोनों?