
Nana Patekar : नाना पाटेकर नहीं रहे… इस पंक्ति ने बॉलीवुड के साथ ही देश-दुनिया को स्तब्ध कर दिया। उनके करोड़ों फैंस दुखी हो उठे। फिल्मी पर्दे पर नाना पाटेकर जितने लाजवाब थे, असल जीवन में भी वे उतने ही अनूठे थे। बॉलीवुड के प्रख्यात अभिनेता रहते हुए भी उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जिया। नाना पाटेकर का सरल व्यक्तित्व हर किसी को आकर्षित करता रहा था। वे फिल्मी पार्टियों से भी प्राय: दूर रहते थे। नाना पाटेकर का मध्यप्रदेश से गहरा लगाव था। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और ग्वालियर से लेकर दूरस्थ अंचल के नर्मदा बांध प्रभावितों से भी वे मिले थे। अपनी फिल्म राजनीति से लेकर अपकमिंग 'शक्ति शालिनी' की शूटिंग के लिए वे यहां आए थे। फिल्म 'शक्ति शालिनी' को लेकर वे बेहद उत्साहित थे। नाना पाटेकर इसे देखना चाहते थे। अपनी बेकरारी उन्होंने फिल्मकार के सामने व्यक्त भी की थी।
75 साल की उम्र में भी वे पूरी तरह फिट थे। उनके अनेक फिल्में आनेवाले समय में सिनेमाघरों में रिलीज होेंगी।
नाना पाटेकर की अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में नजर आएंगे।
नाना पाटेकर कई बार मध्यप्रदेश आए। मौत के बाद नाना पाटेकर की अपकमिंग फिल्मों की चर्चा हो रही है। इनमें 'शक्ति शालिनी' भी शामिल है जिसकी शूटिंग एमपी के ग्वालियर इलाके में हुई। फिल्म के लाइन प्रोड्यूसर लालू सिंह राजावत के अनुसार नाना पाटेकर ने चंबल की कई लोकेशन की खूब प्रशंसा की। 'शक्ति शालिनी' की अधिकांश शूटिंग पनिहार क्षेत्र में हुई थी। फिल्म के निर्देशक आदित्य सरपोतदार हैं।
'शक्ति शालिनी' में नाना पाटेकर तांत्रिक बने हैं। वे इस रोल को करते समय खूब उत्साहित थे। 'शक्ति शालिनी' की रिलीज के लिए नाना पाटेकर बेकरार थे और इसे देखना चाहते थे। फिल्मकार के सामने उन्होंने यह तमन्ना भी जताई।
नाना पाटेकर ने इससे पहले भोपाल में भी फिल्म राजनीति की शूटिंग की थी। इसके लिए कई दिनों तक शहर में रहे। नाना पाटेकर पहचान छिपाकर यहां खूब घूमे थे। उनका धार से भी नाता रहा। नाना पाटेकर करीब 30 साल पहले सरदार सरोवर के डूब प्रभावितों की परेशानी सुनने आए थे।