पश्चिम बंगाल में बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की पांच साल की मेहनत सत्ता का सपना साकार करने में असफल रही। वहीं, असम चुनाव में जीत के बाद भाजपा के साथ ही, नेताओं में नरेन्द्र सिंह तोमर का कद असम चुनाव में सत्ता दिलवाने की वजह से बढ़ा है।
भोपाल/ पश्चिम बंगाल में भारतीज जनता पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की पांच साल की मेहनत सत्ता का सपना साकार करने में असफल रही। वहां रविवार को सामने आए नतीजों ने एक तरफ भारतीय जनता पार्टी और दूसरी तरफ कैलाश विजयवर्गीय को बड़ा झटका दिया है।
असम चुनाव में जीत से बढ़ा तोमर का कद
फिलहाल, मौजूदा भाजपा नेताओं में नरेन्द्र सिंह तोमर का कद असम की चुनावी जीत के बाद बढ़ा है। इस चुावी समर में असम ही एक ऐसा राज्य है जहां भाजपा को सीधे तौर पर जीत हासिल हुई है। इससे उलट कैलाश विजयवर्गीय की सियासी पारी अब मझधार में आ गई है। मध्य की कैबिनेट में उनका समर्थक एक भी विधायक मंत्री नहीं है।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की साख पर भी पड़ा असर
माना जा रहा था कि, पश्चिम बंगाल में सकारात्मक नतीजों के बाद उनके किसी समर्थक विधायक को मंत्रीमंडल में जगह हासिल होती। लेकिन, ऐसा हो पाना अब दूर की कोड़ी नजर आता है। जबकि, पश्चिम बंगाल में हिंदूवादी एजेंडा और मध्य प्रदेश के करीब आधा दर्जन अन्य नेता भी फेल साबित हुए हैं। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोतत्म मिश्रा को भी बंगाल में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने वहां लगातार 7-8 दौरे किये सभाओं से लेकर बैठकें भी कीं, लेकिन उनका भी चुनावी प्रबंधन सत्ता वापसी की राह नहीं टटोल पाया।
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