
NEET-UG Paper Leak: नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। कांग्रेस के राज्यसभा से सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं में पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ी मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि सरकार नीट पेपर लीक में महज जांच होने की जानकारी के अलावा इससे जुड़े हर मामले का पूरा-हिसाब किताब जनता के सामने रखे।
दिग्विजय सिंह यह पत्र कांग्रेस के कम्युनिकेशंस के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। बता दें कि, NTA के द्वारा 3 मई को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा (NEET-UG 2026) आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में पेपर लीक के आरोप लगे जिसके बाद 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया था। अब यह परीक्षा 21 जून को होगी।
पत्र में दिग्विजय सिंह लिखते है कि- 'ऐसे समय में जब नीट (यूजी) 2026 परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर कहर बरपा है। उनके इस तनाव महत्वपूर्ण कारण मामले में स्पष्टता की कमी रही है। अभी पेपर लीक से जुड़े मामलों और CBI और भारत सरकार और राज्य सरकारों की दूसरी जांच एजेंसियों द्वारा उन पर कैसे मुकदमा चलाया जा रहा है, इसका कोई कंसोलिडेटेड पब्लिक रिकॉर्ड नहीं है। ऑफिशियल जानकारी की कमी के बीच, बहुत सारी रिपोर्ट और अफवाहें फैल रही हैं।'
कांग्रेस सांसद ने लिखा कि ' NEET-UG 2024 पेपर लीक का मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ मुखिया कथित तौर पर बेल पर बाहर है। इसी तरह CBI ने कथित तौर पर एक क्लोजर रिपोर्ट फाइल की है जिसमें कहा गया है कि 2024 के UGC-NET एग्जाम में कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी जिसे उस समय NTA ने कैंसिल कर दिया था। '
उन्होंने लिखा कि 'जब दिल्ली की एक कोर्ट ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट के लिए लिखित एक्सप्लेनेशन देने के लिए कहा तो CBI ने और समय मांगा है। CBI द्वारा अपना एक्सप्लेनेशन देने में देरी से भी भारत के स्टूडेंट्स के बीच एक नेगेटिव मैसेज गया है।'
दिग्विजय ने अपने के अंत में भारत सरकार से इन मुद्दों पर श्वेत पत्र (White Paper) जारी करे।
बता दें कि, 20 मई को नीट पेपर लीक से आहात होकर मऊगंज के मगनिया गांव की निवासी छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने नागपुर में आत्महत्या कर ली थी। बेटी की नीट की तैयारी के लिए पिता ने तीन लाख रुपए किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लिया था, उन्हें और परिवार को भरोसा था कि बेटी पढऩे में ठीक है, इसलिए उसका किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन हो जाएगा। आकांक्षा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि अब दोबारा परीक्षा देने की उसकी हिम्मत नहीं है। इस मामले में बीते दिन राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है।