
Nephrologist son Suicide: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में बीते दिन जाने-माने नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एमएल बंजारा के इकलौते बेटे सौरभ बंजारा का इलाज के दौरान निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक 41 वर्षीय सौरभ ने 10 जून को कथित रूप से शराब के साथ जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया था।
तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां पिछले कई दिनों से उनका उपचार चल रहा था। बताया जा रहा है कि सौरभ रातीबढ़ थाना क्षेत्र स्थित पूजा कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की थी और एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। नौकरी को लेकर अवसाद में था। कहा जा रहा है कि बीते तीन महीने पहले उनकी नौकरी चली गई थी जिसके काफी परेशान चल रहे थे।
परिवार वालों की जानकारी के मुताबिक सौरभ घर की सीढ़ियां उतरते समय अचानक बैठ गए और उल्टियां होने लगीं। मुहं से तेज बदबू आने पर जहर खाने का संदेह हुआ। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। रातीबढ़ पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में नौकरी जाने के बाद तनाव की बात सामने आई है।
बता दें कि 10 साल पहले सौरभ की शादी हुई थी। उसके दो बेटे हैं, जिनमें एक की उम्र 7 साल और दूसरे की उम्र 6 महीने है। उसके पिता डॉक्टर एमएल बंजारा कमला नेहरू अस्पताल में पदस्थ रह चुके हैं और नेफ्रोलॉजिस्ट हैं। इस पूरे मामले के बारे में जांच अधिकारी एएसआई केके द्विवेदी ने बताया कि शुरूआती जांच में नौकरी छूटने से युवक द्वारा डिप्रेशन में होने की बात सामने आई है। युवक ने शराब में पाइजन को मिलाकर पिया था, इस बात की जानकारी उसके पिता ने दी। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। लिहाजा सभी एंगल पर जांच की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में तीन महीने पहले करंट लगने से हुई युवक की मौत के मामले में पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद ठेकेदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ था। कोहेफिजा थाना पुलिस के अनुसार मल्टी गुफा मंदिर रोड में 25 वर्षीय सोनू वर्मा की 30 मार्च को काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी।
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान निर्माण स्थल की परिस्थितियों और वहां मौजूद सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि संबंधित निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। सोनू वर्मा मिस्त्री के रूप में कार्य कर रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि साइट पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गई थीं। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने साइट ठेकेदार रामेश्वर लाल सैनी के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने 304 ए के तहत प्रकरण कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।