
SC ST Categories In MP : मध्यप्रदेश में एक बार फिर एससी, एसटी में कई नई जातियां शामिल हुईं हैं। प्रदेश के कई जिलों में जातियों की आरक्षित श्रेणी तय की गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य के 4 नवगठित जिलों में यह कवायद की गई है। जातियों की आरक्षित श्रेणी में जिन जातियों को शामिल किया गया है उन्हें अब आरक्षण का लाभ मिलेगा। नवगठित 2 जिलों में कु्हार, कु्हार (प्रजापति) और कुंभार को अनुसूचित जाति (एससी) में शामिल किया गया है। इसी तरह पारधी, बहेलिया व इससे संबंधित कुछ अन्य जनजाति को एक नवगठित जिले में अनुसूचित जनजाति (एसटी) में रखा गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि नवगठित जिलों में जातियों की आरक्षित श्रेणी, सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप तय की गई हैं। सीएम मोहन यादव ने मानव अधिकार आयोग के कार्यक्रम में अनुसूचित जातियों, जनजातियों के हितों के लिए काम करने का संकल्प दोहराया।
एमपी के मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा और निवाड़ी नवगठित जिले हैं। इन चारों जिलों में जातियों की आरक्षित श्रेणी तय कर दी गई है। मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा और निवाड़ी जिलों में अब इसी के अनुरूप जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। इसकी व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार नवगठित 4 जिलों में जातियों की आरक्षित श्रेणी तय करते समय सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पूर्णत: पालन किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्ययप्रदेश के कुछ जिलों में कु्हार, कु्हार (प्रजापति) और कुंभार अनुसूचित जाति (एससी) में हैं। मऊगंज और मैहर में भी इस जाति को अनुसूचित जाति के अंतर्गत रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के छतरपुर, दतिया, पन्ना, रीवा, सतना, शहडोल, सीधी और टीकमगढ़ जिलों में कु्हार, कु्हार (प्रजापति) और कुंभार अनुसूचित जाति (एससी) में यानि आरक्षित श्रेणी में शामिल हैं। अब 2 अन्य नवगठित जिलों में भी इन जातियों की आरक्षित श्रेणी तय कर दी गई है।
इसी तरह पनिका जाति को राज्य के 3 नए जिलों में आरक्षित श्रेणी में शामिल किया गया है। अभी यह जाति छतरपुर, पन्ना, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सीधी, टीकमगढ़ और दतिया की सेंवढ़ा व दतिया तहसील में एसटी के रूप में मान्य है। अब उपरोक्त जिलों के साथ ही नए जिले मऊगंज, मैहर, निवाड़ी में पनिका जाति को अनुसूचित जाति के रूप में आरक्षित श्रेणी में शामिल किया गया है। इस प्रकार यह जाति अब राज्य के 12 जिलों में आरक्षित श्रेणी में शामिल हो गई है।
आरक्षण के लिए नई जातियों में पारधी और बहेलिया व इनसे संबंधित अन्य उपजातियों को भी खासा लाभ मिला है। इन्हें नवगठित पांढुर्णा जिले में अनुसूचित जनजाति (एसटी) में रखा गया है। पारधी और बहेलिया के साथ ही बहेल्लिया, चिता पारधी, लंगोली पारधी, फांस पारधी, शिकारी, टाकनकार एवं टाकिया जनजाति को पांढुर्णा जिले में आरक्षित श्रेणी में शामिल किया गया है।