महिला सुरक्षा के लिए बसों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से पुलिस की तीसरी नजर, इमरजेंसी बटन दबाते ही मिलेगी डायल 100 को खबर।
भोपाल. महिला सुरक्षा के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिम्मा परिबहन विभाग को सौंपा गया है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हर बस पर अब पुलिस की तीसरी नजर रहेगी। राष्ट्रीय परमिट वाले सभी सार्वजनिक यातायात के वाहनों पर परिवहन विभाग लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने जा रहा हैं। इस डिवाइस के साथ एक इमरजेंसी बटन भी रहेगा। इमरजेंसी बटन दबाते ही तत्काल डायल 100 को खबर मिल जाएगी। प्रदेश से परमिट लेने वाली सभी 46 हजार बसों में ये सिस्टम लगाया जाएगा। इन बसों की लोकेशन ट्रांसपोर्ट मुख्यालय ग्वालियर में बनने वाले कंट्रोल रूम में दिखाई देगी। इसके लिए परिवहन विभाग को 15 करोड़ रुपए आवंटित किए जा रहे हैं।
दो महीने में शुरू हो जाएगा काम
व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (वीएलटी) का काम अगले दो महीने में शुरू हो जाएगा। जल्द पूरा करने ज्यादा कंपनियों को इसका काम दिया जाएगा। करीब 100 कंपनियां इस तरह का काम करती हैं। वीएलटी लगाने का भुगतान बस संचालक करेंगे। योजना के लिए परिवहन विभाग को केंद्र निर्भया फंड से 9.24 करोड़ रुपए दे रही है प्रदेश सरकार राज्य सड़क सुरक्षा निधि से 6.16 करोड़ रुपए दे रही है।
इस योजना का यह होगा फायदा
सार्वजनिक सेवा में परिवहन करने. किया जा सकेगा कोई वाहन तय वाली कोई महिला अपने आपको रूट के अलावा किसी अन्य रूट से असुरक्षित महसूस करती है तो तो नहीं जा रहा। वाहनों की गति इमरजेंसी बटन दबाने से उसका और अवैध संचालन पर नियंत्रण संपर्क डायल 100 से हो जाएगा। किया जा सकेगा। इसके अलावा उसे तत्काल सहायता मिल सकेगी। यात्री बसों की दुर्घटना में भी वाहनों की ट्रैकिंग से सुनिश्चित कमी लाई जा सकेगी।
मध्य प्रदेश परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने बताया कि जल्दी ही हम सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में वीकल लोकेशन ट्रैकिंग लगाने जा रहे हैं जिसमें इमरजेंसी बटन भी रहेगा। सारी बसों की लोकेशन कमांड कंट्रोल सेंटर में दिखाई देगी।