New Irrigation Projects- सागर, विदिशा, छतरपुर एवं दमोह ज़िलों के किसानों के लिए नई सिंचाई परियोजनाएं बड़ी सौगात साबित होंगी
New Irrigation Projects - मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत खेती और किसानों के हित में अनेक योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। प्रदेश के हर किसान के खेत तक सिंचाई के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं जिसके लिए अनेक नए सिंचाई प्रोजेक्ट शुरु किए गए हैं। मंत्री तुलसी सिलावट ने इन सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय अवधि में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को कहा है। बीना परियोजना प्रबंधन इकाई सागर सहित अन्य प्रोजेक्ट समय पर पूरे करने पर जोर दिया। प्रदेश के सागर, विदिशा, छतरपुर एवं दमोह ज़िलों के किसानों के लिए नई सिंचाई परियोजनाएं बड़ी सौगात साबित होंगी। इन जिलों की करीब 3 लाख 10 हजार हेक्टेयर जमीन में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। मंगलवार को मंत्रालय में यह बैठक हुई। मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। हमारी सरकार का ध्येय है समृद्ध किसान, समृद्ध मध्य प्रदेश। जब किसानों के खेतों में पानी पहुंचेगा तो मिट्टी सोना उगलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के हर किसान के खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और उसी संकल्प की पूर्ति के लिए अधिकारी निरंतर कार्य करें।
बैठक में मंत्री सिलावट ने प्रमुख रूप से बीना परियोजना प्रबंधन इकाई सागर एवं बेतवा परियोजना प्रबंधन इकाई भोपाल में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की।उन्होंने अधिकारियों को कहा कि मध्यप्रदेश में प्रगतिरत विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को निर्धारित समय अवधि में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें, जिससे जनता को समय पर उनका पूरा-पूरा लाभ मिल सके। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मंत्री तुलसी सिलावट ने बैठक में बीना संयुक्त सिंचाई बहुद्देश्यीय परियोजना सागर, कोठा बैराज परियोजना विदिशा, बण्डा सिंचाई परियोजना सागर-छतरपुर, हनोता सिंचाई परियोजना सागर-विदिशा, पंचमनगर सिंचाई परियोजना दमोह-सागर, कडान मध्यम सिंचाई परियोजना सागर, साजली मध्यम सिंचाई परियोजना दमोह, कैथ मध्यम सिंचाई परियोजना सागर, जूडी एवं जैरा मध्यम सिंचाई परियोजना दमोह-छतरपुर की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता एवं विभागीय मापदण्ड अनुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बता दें कि प्रदेश के कई जिलों के लिए ये सिंचाई परियोजनाएं बेहद अहम हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सागर, विदिशा, छतरपुर एवं दमोह ज़िलों की लगभग 3 लाख 10 हजार हेक्टेयर भूमि में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। अधिकारियों को इन परियोजनाओं को स्वीकृत समय सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर हर 15 दिवस में इससे संबंधित समीक्षा किए जाने के भी निर्देश दिए गए।