
MP Monsoon System : मध्यप्रदेश में मानसून का अब आखिरी दौर है। मानसूनी सिस्टम फिलहाल आगे बढ़ गए हैं। ऐसे में अब मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर अब फिर से मौसम शुष्क हो गया है। राजधानी में तो दिन भर तीखी धूप रही और तापमान में 3 डिग्री का उछाल आ गया। कई जिलों में सीजन की कुल बारिश सामान्य औसत से अधिक पहुंच चुकी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक फिलहाल बहुत ज्यादा बदलाव की उम्मीद तो नहीं है पर अभी बादल और बरसेंगे। 2 दिन बाद नया सिस्टम एक्टिव होगा जो खासतौर पर भारी पड़ सकता है।
मानसून के चालू सीजन में सितंबर में बारिश की स्पीड भले ही कुछ धीमी रही लेकिन कुल मिलाकर अब तक की स्थिति संतोषजनक है। अगस्त में अच्छी बारिश हुई लेकिन बाद में बरसात की गतिविधियां कमजोर हुई। इसके बाद भी प्रदेश के डेढ दर्जन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकार्ड की जा चुकी है।
मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि फिलहाल कोई बड़ा सिस्टम नहीं है, लो प्रेशर आगे बढ़ गया है, जो ट्रफ लाइन है उसका भी बहुत ज्यादा असर नहीं है। इसके प्रभाव के कारण प्रदेश के उत्तर पूर्वी हिस्सों में थोड़ा असर दिख सकता है, लेकिन भोपाल और इसके आसपास के इलाके में बहुत ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।
प्रदेश में मानसून की विदाई बेला करीब है। हालांकि इससे पहले जोरदार बरसात की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी मानसून का एक और दौर आ सकता है। करीब 3 दिन बाद प्रदेश के खासतौर पर पश्चिमी और पूर्वी इलाके भीग सकते हैं। मानसून का यह नया सिस्टम 18 तारीख के बाद सक्रिय होगा।
मध्यप्रदेश में आधिकारिक तौर पर मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना गया है। इस अवधि में गिरनेवाले पानी को ही मौसम विभाग मानसून की बरसात के रूप में दर्ज करता है।
एमपी में सामान्य बारिश औसत 37.3 इंच
अब तक गिरा 33 इंच पानी
कोटा फुल करने 4.3 इंच पानी की जरूरत