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राजधानी से सटे बैरसिया में आसमान से आता है पीने का पानी, कांग्रेस नेता का बड़ा दावा

Bairasia Drinking Water Crisis : कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण धौलपुरे ने बैरसिया विधानसभा की बड़ी समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से बताया कि, 10-15 दिन पानी न आने के कारण किस तरह लोगों को निजी बोरिंग की मदद से जोखिम भरे तरीके से पानी लेना पड़ रहा है, जो बेहद गभीर विषय है।
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Bairasia Drinking Water Crisis

बैरसिया में नल जल व्यवस्था के हाल (फोटो सोर्स: Praveen Dholpure)

Bhopal News : अबतक आपने पाइप के जरिए जमीन से पानी निकलते देखा होगा, लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे बैरसिया विधानसभा क्षेत्र की अचारपुरा ग्राम पंचायत पहला ऐसा इलाका है, जहां जमीन के बजाए आसमान से पाइप लाइनों के जरिए पानी उतरता है। ये दावा है कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण धौलपुरे का। इसकी हकीकत बयां करती एक वीडियो भी उन्होंने जारी किया, जिसमें वो ये बताते नजर आ रहे हैं कि, आखिर वो ये दावा क्यों कर रहे हैं।

वीडियो में प्रवीण धौलपुरे भाजपा विधायक विष्णु खत्री के विधानसभा क्षेत्र बैरसिया के अंतर्गत आने वाली अचारपुरा ग्राम पंचायत के एक इलाके में लगे पानी के पाइपों का जाल दिखा रहे हैं। साथ ही, प्रदेश में 22 साल से चली आ रही बीजेपी की सरकार द्वारा किए गए हर घर नल जल योजना के दावे पर गंभीर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस नेता का सवाल

प्रवीण धौलपुरे ने कहा कि, मैं आज बैरसिया के परेवाखेड़ा-अहमद बस्ती में ग्रामीणों से मिलने आया हूं। यहां मैंने जो देखा, वो भाजपा सरकार के 22 साल के विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। सबसे बड़ा सवाल है जमीन और मकान के अधिकार का। यहां ऐसे परिवार वर्षों से रह रहे हैं, जिनके पास आधार कार्ड है, वोटर कार्ड है, लेकिन आज भी उन्हें अपने घर और जमीन का स्थायी अधिकार नहीं मिला है। दूसरा बड़ा सवाल मूलभूत सुविधाओं का है।

बिजली के खंभों के सहारे पाइपलाइन

उन्होंने कहा कि, इलाके में पानी की टंकी तो बनी है, पाइपलाइनें भी डली हैं। लेकिन, उनमें कई-कई दिन पानी नहीं आता। उन्होंने बताया कि, ग्रामीणों का कहना है कि, 10-15 दिन तक पानी की सप्लाई नहीं होती। मजबूरी में उन्हें इलाके के एकमात्र निजी बोरिंग से पानी लेना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों ने अलग से अपने-अपने पाइप डाले हैं। ये पाइप छतों और बिजली के खंभो के सहारे लाए जा रहे हैं। ये व्यवस्था कितनी सुरक्षित है, इसकी जांच भी होनी चाहिए।

इलाके में अव्यवस्थाओं का अंबार

यहां तक की इलाके में घरों के बाहर नाली तक नहीं है। यानी क्षेत्र में जल निकासी तक की व्यवस्था नहीं है। हर जगह कीचड़ और जमा पानी दिखाई दे रहा है, जिसमें संभवत: मलेरिया के मच्छर भी पनप रहे होंगे। अन्य बीमारियों का खतरा भी इस दूषित पानी से बना हुआ है। कचरा उठाने की व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीण परेशान हैं। बिजली कनेक्शन और आपूर्ति को लेकर भी लोगों की अलग-अलग समस्याएं हैं।

जिला कलेक्टर और संबंधित विभागों से कांग्रेस नेता का सवाल

कांग्रेस नेता प्रवीण धौलपुरे ने कलेक्टर के साथ साथ संबंधित विभागों से सवाल किया कि, 'जब यहां रहने वाले लोगों के पास आधार कार्ड है, वोटर कार्ड है और वे वर्षों से यहां रह रहे हैं तो उन्हें अपने घर-जमीन का अधिकार और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं? सरकार कागजों और आयोजनों में विकास दिखाने के बजाय एक बार परेवाखेड़ा की जमीन पर उतरकर इन परिवारों की हालत देखे और जवाब दे।'