
जीतू पटवारी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे प्रेस वार्ता में फोटो सोर्स : X @jitupatwari
Jitu Patwari : मध्यप्रदेश के इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए जमकर तैयारियां चल रहीं हैं। आइडीए ने कांग्रेस को इसके लिए 12 हजार वर्ग मीटर जमीन 3 दिन के लिए दी है। इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम 19 सितंबर को प्रस्तावित है। कार्यक्रम की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने भोपाल में प्रेस वार्ता बुलाई जिसमें छात्रों की गूंज के संबंध में विस्तार से बताया गया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए इसकी महत्ता बताई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आंकड़े दिखाते हुए शिक्षा और युवाओं की बदहाली के लिए बीजेपी और केंद्र सरकार को कोसा। उन्होंने बताया कि हालात ऐसे हैं कि 47 फीसदी छात्र-छात्राओं को 12 तक स्कूल ही छोड़ना पड़ रहा है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए इंदौर में जमीन किराए पर देने के लिए कांग्रेस ने आइडीए में आवेदन किया था। कई दिनों के बाद आखिरकार जमीन दे दी गई। आइडीए ने इसके लिए कांग्रेस से 10 लाख से अधिक रुपए जमा कराए। 17 से 19 सितंबर तक जमीन का आवंटन किया है। पत्र में कांग्रेस से आवश्यक सुरक्षा प्रबंध करने के लिए कहा गया है।
कांग्रेस को चेतावनी दी गई है कि निर्धारित दिनांक से पूर्व व पश्चात जमीन का उपयोग करने पर उस तारीख का भी लीज रेंट देना होगा। इसके साथ ही संबंधित विभागों से अनुमति प्राप्त करने, ध्वनि विस्तारक यंत्र की मंजूरी भी लेनी होगी।
मंजूरी मिलने के बाद कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम के संबंध में कांग्रेस ने भोपाल में प्रेस वार्ता की। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित वार्ता को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने भी संबोधित किया।
प्रेस वार्ता में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और युवाओं की दुर्दशा के गंभीर आरोप लगाए गए। दोनों नेताओं ने बीजेपी सरकार को घेरा।
शिक्षा से जुड़ी अराजकता के आंकड़े सच्चाई बता रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से बीजेपी सरकार में सच स्वीकार करने का साहस नहीं है।
“छात्रों की गूंज” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की सुरक्षा, छात्रों के अधिकारों की आवाज़ को बुलंद करना और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद करना है।
बीजेपी सरकार एक सवाल का जवाब दे- क्या बदहाल शिक्षा व्यवस्था के साथ 2047 में भारत विकसित हो सकता है?
शिक्षा व्यवस्था का बेहतर होना इसलिए भी जरूरी है कि आने वाले समय में युवा आबादी का कम होना, देश को कमजोर करेगा।
Updated on:
16 Sept 2026 04:23 pm
Published on:
16 Sept 2026 04:06 pm
