Approval of houses - मकान निर्माण में यूं तो अनेक दिक्कतें सामने आती हैं पर इसके लिए नगर निकायों से परमिशन लेने में सबसे ज्यादा परेशानी खड़ी होती है।
Approval of houses - मकान निर्माण में यूं तो अनेक दिक्कतें सामने आती हैं पर इसके लिए नगर निकायों से परमिशन लेने में सबसे ज्यादा परेशानी खड़ी होती है। रिश्वत देने के बाद भी कार्यालय के बार बार चक्कर काटने पड़ते हैं। मध्यप्रदेश में सरकार ने ये सभी झंझटें अब खत्म कर दी हैं। प्रदेश में पारदर्शी तरीके से भवन अनुज्ञा जारी करने के लिए ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान सिस्टम यानि एबीपीएएस लागू कर दिया गया है। इसके अंतर्गत नगर पालिका या नगर निगम कार्यालय में उपस्थित हुए बिना ही भवन अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए आवेदन ऑनलाइन स्वीकृत करने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में यह सिस्टम लागू किया गया है।
एबीपीएएस में भवन अनुज्ञा की पूरी प्रक्रिया बिना किसी मानव हस्तक्षेप के ऑटोमेटेड प्रोसेस से ही की जाती है। यहां तक कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर द्वारा स्थल निरीक्षण के समय में भी मोबाइल ऐप द्वारा ही जानकारी प्राप्त कर सिस्टम में अपलोड कर दी जाती है। राज्य में अब तक करीब 3 लाख 50 हजार भवन अनुज्ञाएं ऑनलाइन माध्यम से स्वीकृत की गई हैं।
यूनिफॉर्म और पारदर्शी तरीके से भवन अनुज्ञा जारी करने के लिए ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान सिस्टम प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा तैयार किया गया है। ऑनलाइन कम्पांउडिंग प्रणाली में शुल्क भी सिस्टम के द्वारा ऑटोमेटिक जनरेट किया जाता है एवं ऑनलाइन भुगतान विकल्प का उपयोग किया जाता है।
ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रुवल सिस्टम में नागरिक स्वयं प्लिंथ प्रमाण पत्र, सेवा प्रमाण पत्र, कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र और अधिभोग प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं, भवन अनुज्ञा के लिए अनिवार्य दस्तावेजों की संख्या 16 से घटा कर 5 और साइट निरीक्षण चेक लिस्ट बिंदुओं को भी 43 से घटा कर 26 कर दिया गया है।