भोपाल

प्लॉट बनाने के लिए नया नियम, भोपाल में खत्म हो रहा ‘ग्राउंड कवरेज’ का नियम, नहीं मिलेगी पार्किंग की जगह

Building Construction: टीएंडसीपी भवन निर्माण के ग्राउंड कवरेज नियम को खत्म करने जा रहा है, जिससे प्लॉट पर लगभग पूरा निर्माण संभव हो जाएगा।
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Oct 13, 2026
भवन निर्माण, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
भवन निर्माण, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

Bhopal news: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में आने वाले समय में शहर में सड़क किनारे पार्किंग और जाम की दिक्कत बढ़ने वाली है। टीएंडसीपी भवन निर्माण में ग्राउंड कवरेज के नियम को ही खत्म करने जा रहा है। इसका असर यह होगा कि जितना बड़ा प्लॉट है, लगभग उतना ही पूरा निर्माण हो जाएगा। जमीन पर गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं होगी। अभी 30 से 60 फीसदी तक ग्राउंड पर निर्माण का नियम है। बाकी एफएआर के अनुसार ऊपरी मंजिल पर निर्माण कर सकते है। मौजूदा नियम में जमीन का 40 से 60 फीसदी हिस्सा पार्किंग व अन्य उपयोग के लिए बच जाता है। मुख्य मार्ग या सर्विस रोड पर पार्किंग व अन्य उपयोग का दबाव प्लॉट का ये खुला हिस्सा समेट लेता है। अब इस पर भी निर्माण हुआ तो पूरा भार रोड पर आएगा।

इस बदलाव से व्यावसायिक क्षेत्रों में आने वाले ग्राहकों और कर्मचारियों के वाहनों को खड़ा करने की समस्या गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भवनों के भीतर पार्किंग की जगह कम हुई तो सड़क किनारे वाहन खड़े करने की मजबूरी बढ़ेगी, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होगी और पहले से व्यस्त मार्गों पर जाम की स्थिति बन सकती है।

प्लॉट साइज के अनुसार तय है ग्राउंड कवरेज

प्लॉट साइज- ग्राउंड कवरेज

48 से 75 वर्गमीटर तक- 60 फीसदी
105 से 200 वर्गमीटर तक- 50 फीसदी
200 वर्गमीटर- 41 फीसदी
216 वर्गमीटर- 42 फीसदी
288 वर्गमीटर- 40 फीसदी
360 वर्गमीटर- 35 फीसदी
405 से 600 वर्गमीटर- 33 फीसदी
750 वर्गमीटर- 30 फीसदी

इनका कहना है…

नियमों पर आमजन के सुझाव लिए जा रहे हैं। ये अभी प्रक्रिया में है। सुनवाई के बाद निर्णय होगा। - नीरज आनंद लिखार, संयुक्त संचालक टीएंडसीपी

जानिए क्या होता है ग्राउंड कवरेज

जानकारी के लिए बता दें कि प्लॉट में ग्राउंड कवरेज (Ground Coverage) का मतलब प्लॉट के उस कुल क्षेत्रफल (प्रतिशत में) से है, जिस पर आप जमीन के स्तर पर मकान या इमारत का निर्माण कर सकते हैं। यह केवल भूतल पर बनी इमारत के क्षेत्रफल को दर्शाता है। बाकी बची हुई जमीन को खुला छोड़ना होता है, जिसका उपयोग सेटबैक (आगे-पीछे या साइड की खाली जगह), पार्किंग, बगीचे और हवा-रोशनी के लिए किया जाता है। अगर आपको उदाहरण के लिए बताएं तो आपका प्लॉट 200 वर्ग मीटर का है और वहां ग्राउंड कवरेज की अनुमति 50% है, तो आप जमीन के स्तर पर अधिकतम 100 वर्ग मीटर के हिस्से पर ही निर्माण कर सकते हैं।

Updated on:
13 Oct 2026 09:57 am
Published on:
13 Oct 2026 09:57 am