मंत्री की बहू का गायब भाई मंगलवार को वापस पहुंचा उदयपुरा।
भोपाल/रायसेन@प्रवीण श्रीवास्तव की रिपोर्ट...
मंत्री रामपाल सिंह की कथित बहू प्रीति रघुवंशी का भाई दीपक रघुवंशी 3 दिन से लापता रहने के बाद मंगलवार की शाम अचानक उदयपुरा आ गया।
दीपक 7 मार्च को मंत्री परिवार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की याचिका लेकर अदालत पहुंचे प्रीति के परिजनों के साथ मौजूद था, जिसके बाद से वह गायब हो गया।
दीपक के गायब होने से उसके परिजन परेशान थे। वे उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने थाने भी गए, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट न लिखकर कहा कि वो सोमवार को उदयपुरा में ही था।
परिजनों के अनुसार 7 मार्च को मंत्री परिवार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की याचिका लेकर अदालत पहुंचे प्रीति के परिजनों के साथ दीपक मौजूद था।
उसके बाद से वह लापता हो गया था। उसकी तलाश में कई जगह जानकारी लेने के बाद दीपक के परिजन रिपोर्ट कराने थाने पहुंचे, लेकिन उदयपुरा पुलिस ने उनका आवेदन नहीं लिया है।
प्रीति रघुवंशी द्वारा 17 मार्च को आत्महत्या के बाद इस मामले में कई तरह के मोड़ आए। प्रीति की तेरहवीं के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ है।
यहां तक की प्रीति के परिजनों को मंत्री परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा है। अब प्रीति के भाई दीपक के लापता होने और फिर सामने आने से यह मामला और भी पेंचीदा हो गया है।
प्रीति चचेरे भाई का कहना है कि दीपक मंत्री परिवार से मिल गया है, उनका ऐसा शक है। वे किसी पर सीधा आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन प्रीति मामले में परिजनों के बयान के बाद दीपक का गायब होना फिर वापस आना, पुलिस को बयान देना कई सवालों को खड़ा कर रहा है।
दीपक के भाईयों ने कहा मंगलवार को दोपहर पत्रिका से बात करते हुए दीपक के चचेरे भाई सौरभ ने कहा कि सौरव ने बताया कि 7 अप्रैल की शाम जब वे अदालत में याचिका दायर करने गए थे, तब दीपक उनके साथ था। उसी समय दो युवक दीपक के साथ देखे गए थे।
उन्हीं के साथ दीपक कहीं चला गया था। दीपक के सगे भाई नीरज ने बताया कि रविवार की शाम श्रीकांत उइके नामक एक व्यक्ति का फोन उनके पास आया था, उसने कहा था कि दीपक उनके साथ है। लेकिन उसी व्यक्ति का फोन रात में फिर आया और बताया कि दीपक घर के लिए निकल गया है, लेकिन वह उदयपुरा नहीं पहुंचा।
वहीं प्रीति के चचेरे भाई का कहना है कि उसका शक पुख्ता हो रहा है। जिसमें उसने दीपक के मंत्री परिवार के संपर्क में रहने और उनके पक्ष में जाने की बात कही थी।
जबकि मंगलवार शाम वापस लौटे दीपक का कहना है कि वह मानसिक रूप से परेशान है। अपनी मर्जी से गया था। वह जब चाहेगा जाएगा और जब चाहेगा आएगा।
वहीं क्षेत्र में यह भी आम चर्चा का विषय बना हुआ है कि दीपक के गायब होने की बात मीडिया में फैलने के बाद शाम को दीपक का वापस आना इस बात का संकेत है कि वह पुलिस के संपर्क में है।
एसपी जगत सिंह राजपूत ने भी अपने बयान में कहा था कि दीपक ने सोमवार को उदयपुरा एसडीओपी कार्यालय में बयान दिए हैं। एसडीओपी राजाराम साहू का कहना था कि वह वापस आ जाएगा।
तीन दिन यहां रहा दीपक :-
- सात अप्रैल की रात्रि 9:30 बजे
दोस्त श्रीकांत के साथ पिपरिया पहुंचा।
- रात में बिनेका आ गया।
- रात में पापा चंदन सिंह से बात की और कहा आ जाउंगा आप चिंता मत करो।
- 8 सितंबर को भोपाल पहुंचा।
- भोपाल से 8 तारीख में होशंगबाद आ गया।
- 9 अप्रैल को 6-7 बजे बरेली आ गया।
दोपहर 3 बजे एसडीओपी को बयान दिए।
- 6 बजे शाम को बरेली से जबलपुर पहुंचा।
- स्टेशन पर खुद के लापता होने की खबर देखी, इस कारण उदयपुरा आ गया।