केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 2018 के सर्वे में 100 शहरों में प्रदूषण सूचकांक औसत से काफी अधिक मिला। इनमें मध्यप्रदेश के ये छह शहर शामिल हैं। राजस्थान के 4 और छत्तीसगढ़ के 3 शहर खतरनाक प्रदूषण की सूची में हैं।
भोपाल. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मध्यप्रदेश के छह शहरों इंदौर, मंडीदीप, ग्वालियर, नागदा-रतलाम, देवास और पीथमपुर में रेड व ऑरेंज श्रेणी के नए उद्योग एवं उद्योगों के विस्तार पर रोक लगा दी है। ऐसी रोक देश के 100 शहरों में लगाई गई है। ग्रीन और वाइट श्रेणी के साथ नियम मानने वाले उद्योग प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 2018 के सर्वे में 100 शहरों में प्रदूषण सूचकांक औसत से काफी अधिक मिला। इनमें मध्यप्रदेश के ये छह शहर शामिल हैं। राजस्थान के 4 और छत्तीसगढ़ के 3 शहर खतरनाक प्रदूषण की सूची में हैं। एनजीटी ने कहा, किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि प्रदूषण फैलाकर व्यापार करे। एनजीटी ने राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण मंडलों को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसी इकाइयों पर कार्रवाई करे।
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रेड श्रेणी के प्रमुख उद्योग
बड़े होटल, रासायनिक ऑटोमोबाइल उत्पादन, खतरनाक वेस्ट रिसाइकिल, ऑयल व ग्रीस उत्पादन, लेड एसिड बैटरी, पावर उत्पादन प्लांट, दूध प्रसंस्करण व डेयरी उत्पाद, सीमेन्टपल्प व पेपर ब्लीचिंग, थर्मल पावर प्लांट, बूचडख़ाना।
ऑरेंज श्रेणी के उद्योग
अलमारी व ग्रिल बनाने की फैक्ट्री, 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक भवन निर्माण, प्रिंटिंग प्रेस, स्टोन क्रेशर्स, ट्रांसफार्मर मरम्मत, होट मिक्स प्लांट, नए हाइवे निर्माण प्रोजेक्ट।
पर्यटन के क्षेत्र में छह देशों को पछाड़ 34 नंबर पर भारत
रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में 1.5 करोड़ विदेशी पर्यटक भारत घूमने के लिए पहुंचे, जिससे पर्यटन विभाग की आमदनी में 3.6% की वृद्धि हुई। इससे पर्यटन क्षेत्र की नौकरियों में भी 5.1% की बढ़ोतरी हुई है।
स्पेन इसलिए बना नंबर एक
स्पेन का प्राकृतिक सौंदर्य, समुद्री किनारा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। सरकार ने पिछले एक दशक में सड़क, रेल और हवाई यातायात पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। जीडीपी का पांच फीसदी हिस्सा पर्यटन से आता है।
अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
विश्व की जीडीपी का 10% हिस्सा अभी पर्यटन क्षेत्र से आता है। अगले एक दशक में 50% हिस्सा पर्यटन से आएगा। फोरम के हेड ऑफ मोबिलिटी के क्रिस्टोफ वोल्फ की मानें तो आने वाले समय में पर्यटन से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।