देश में तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश : 5 साल में 150% बढ़ा अवैध उत्खनन, 74 हजार मामले दर्ज

अवैध खनन के मामले में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर है। 2018-19 में यहां 24455 प्रकरण दर्ज हुए। राजस्थान 17118 प्रकरण के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर आए मध्यप्रदेश में 16405 मामले सामने आए।

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Updated: 05 Sep 2019, 10:10 AM IST

अरुण तिवारी, भोपाल. मध्यप्रदेश अवैध खनन के मामले में देश में तीसरे नंबर पर है। यह खुलासा खनिज मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में पिछले पांच साल में अवैध खनन और परिवहन के 74415 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान अवैध खनन के प्रकरणों में 150 फीसदी का इजाफा हुआ है।

 

अवैध खनन के मामले में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर है। 2018-19 में यहां 24455 प्रकरण दर्ज हुए। राजस्थान 17118 प्रकरण के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर आए मध्यप्रदेश में 16405 मामले सामने आए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी नोटिस भेज चुका है।


पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अवैध खनन के मामलों पर रोक न लगने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया है। सरकार का कहना है कि नई रेत नीति लागू कर दी गई है, जिसके परिणाम जल्द ही सामने आएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार को अवैध खनन रोकने में नाकाम करार दिया है।

 

इस तरह हुई कार्रवाई

अवैध खनन प्रदेश में सालों से सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। न तो पिछली सरकार इस पर लगाम कस पाई और न ही कांग्रेस सरकार की तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई सामने आई। अवैध खनन के मामलों कार्रवाई बहुत धीमी गति से हुई है। इनमें 52803 कोर्ट केस फाइल हुए हैं। इसके बाद भी महज 3005 वाहन जब्त किए गए। जबकि 152108 रुपए का जुर्माना वसूला गया। महज 542 एफआइआर दर्ज की गई।

 

 

हम अवैध खनन का कलंक मिटाने के प्रयास कर रहे हैं। अब नई रेत नीति के आधार पर ही खदानें आवंटित होंगी। अवैध खनन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। - प्रदीप जायसवाल, खनिज मंत्री

प्रदेश में माफिया बेखौफ होकर अवैध उत्खनन कर रहा है। नदियों को छलनी कर दिया गया है। हम इस मुद्दे पर पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे। - शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सीएम

 

भाजपा के खिलाफ जारी किया आरोप पत्र

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पिछली प्रदेश सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया है। मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे ने कहा कि कैग ने 2004-09 के बीच यह पाया कि खनिज विभाग में 1509 करोड़ की रॉयल्टी का घोटाला हुआ है। 2012-2017 के बीच रेत खनन के 2272 प्रकरणों में 605 करोड़ का घोटाला हुआ। नसरुल्लागंज में अवैध रेत खनन का मामला उठाने पर तत्कालीन एसडीएम का तबादला कर दिया गया। 2013 में तत्कालीन खनिज मंत्री ने 136 खदानें सिर्फ सात दिन में ही बांट दीं। उस समय आई रिपोर्ट में प्रदेश की तुलना बेल्लारी से की गई थी।

 

अवैध खनन पर बवाल

प्रदेश में अवैध उत्खनन को लेकर बवाल मचा हुआ है। मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया था कि ग्वालियर-चंबल में धड़ल्ले से अवैध उत्खनन हो रहा है। पुलिस अफसर 50 लाख रुपए ले रहे हैं। कांग्रेस विधायकों ने डॉ. गोविंद पर सवाल खड़े कर दिए। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में कहा कि विधानसभा चुनाव में अवैध खनन हमारा मुद्दा रहा है, यदि अवैध उत्खनन के मामले सामने आ रहे हैं तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बवाल के बाद सरकार ने आनन-फानन में नई रेत नीति लागू कर

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