भोपाल

चार साल में फिसड्डी! NIRF रैंकिंग में MANIT का बुरा हाल, छात्रों में डर

NIRF rankings 2025: मैनिट की साख पर लगातार चोट हो रही है। 2025 की एनआईआरएफ रैंकिंग में संस्थान 81वें पायदान पर खिसक गया। रिसर्च, इनोवेशन और शिक्षा गुणवत्ता में कमी बड़ी वजह है। (MP News)
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Sep 08, 2025
14 MANIT professors on Stanford's list of world's top scientists
14 MANIT professors on Stanford's list of world's top scientists (Patrika.com)

MP News: भोपाल का मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) की स्थिति इस साल नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) मे फिर से गिर गई है। इंजीनियरिंग कैटेगरी में मैनिट को वर्ष 2025 में 81वां स्थान मिला है। यह पिछले चार वर्षों की तुलना में सबसे खराब स्थिति है। 2022 में मैनिट को 70वां स्थान मिला था, जबकि 2023 में यह 80वें पायदान पर पहुंचा। 2024 में सुधार दिखा और संस्थान 72वें स्थान पर आया, लेकिन 2025 में एक बार फिर यह नीचे खिसक कर 81 पर आ गया। लगातार उतार-चढ़ाव से स्पष्ट है कि मैनिट स्थायी सुधार नहीं कर पा रहा। (NIRF rankings 2025)

इसलिए गिरी रैंकिंग

विशेषज्ञों की माने तो ये संस्थान इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट व फुट प्रिंट ऑफ प्रोजेक्ट्स एंड प्रोफेशन प्रैक्टिस में पिछड़े हुए है। आसान भाषा में कहें तो ये संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में शोध में पिछड़ रहे है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक संस्थान प्रोजेक्ट्स, शोध-पत्रों और प्रोफेशनल प्रैक्टिस पर फोकस नहीं करेंगे, तब तक सुधार मुश्किल है। शिक्षा की गुणवत्ता और रिसर्च गतिविधियों में गंभीर कमी गिरावट का कारण है। (NIRF rankings 2025)

छात्रों को डर, लगातार गिरावट

रैंकिंग में गिरावट से कैंपस प्लेसमेंट और छात्रों के आत्मविश्वास पर असर पड़ता है। राष्ट्रीय स्तर पर अन्य आईआईटी और एनआईटी की तुलना में मैनिट के छात्रों को प्रतिस्पर्धा में पिछडने का डर रहता है। एक समय देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में गिने जाने वाला मैनिट अब लगातार गिरावट से अपनी ब्रांड वैल्यू खो रहा है। यह न केवल संस्थान की साख को प्रभावित करता है, बल्कि नए एडमिशन और रिसर्च प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं को भी कमजोर करता है। (NIRF rankings 2025)

भविष्य की चुनौती से निपटना आसान नहीं

रिसर्च और इनोवेशन पर जोर देकर ही मैनिट अपनी स्थिति को सुधार सकता है। अन्यथा प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थान राष्ट्रीय स्तर की रेस में और पीछे छूट सकते हैं। (NIRF rankings 2025)

इन बिंदुओं पर रैकिंग

  • फैकल्टी की संख्या और योग्यता
  • छात्र-शिक्षक अनुपात
  • शिक्षण सुविधाएं
  • पुस्तकालय, लैब्स, क्लासरूम आदि की गुणवत्ता
  • वित्तीय संसाधन और उनका उपयोग

ये मापा जाता है

  • रिसर्च पब्लिकेशन्स की संख्या और गुणवत्ता
  • पेटेंट्स और इनोवेशन
  • पीएचडी छात्रों की संख्या
  • इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव

यह बताता है कि छात्रों का प्रदर्शन और भविष्य

  • पास होने वाले छात्रों की संख्या
  • प्लेसमेंट डेटा
  • उच्च शिक्षा में जाने वाले छात्रों का प्रतिशत
  • स्टार्टअप्स या एंटरप्रेन्योरशिप में गए छात्र
  • शिक्षाविदों, नियोक्ताओं और आम जनता में उस संस्थान की क्या प्रतिष्ठा है
Updated on:
08 Sept 2025 08:51 am
Published on:
08 Sept 2025 08:51 am