MP News : ‘पत्रिका’ के जागरूकता अभियान ‘रक्षा कवच’ का असर अब सामने आने लगा है। प्रदेश के दो बड़े शहर भोपाल और इंदौर में इस साल के डेढ़ माह में अब तक डिजिटल अरेस्ट का कोई मामला नहीं आया।
MP News : ‘पत्रिका’ के जागरूकता अभियान ‘रक्षा कवच’ का असर अब सामने आने लगा है। प्रदेश के दो बड़े शहर भोपाल और इंदौर में इस साल के डेढ़ माह में अब तक डिजिटल अरेस्ट का कोई मामला नहीं आया। लोग अभियान से जागरूक हुए और साइबर ठगों के झांसे में आने से बचने लगे हैं। आंकड़े बताते हैं, इंदौर में 2024 में डिजिटल अरेस्ट(Cyber Crime) के 77 मामले आए थे। कुल करीब 12 हजार शिकायतें आईं। इस साल डेढ़ माह में बदमाशों ने उन्हें ठगने की कोशिश जरूर की। खास यह है लूटे गए रुपए की वापसी के प्रयास भी पुलिस ने तेज किए गए हैं। इससे लौटने वाली राशि बढ़ी है।
भोपाल में साइबर अपराधों(Cyber Crime) में कमी आई है। क्राइम ब्रांच में रोज औसतन 5 शिकायतें आती थी, अब तीन हो गई है। जनवरी में 97 शिकायतें आईं। फरवरी में संख्या 47 है।
रिटायर्ड बैंक अफसर ने पुलिस को कॉल कर बताया कि उन्हें ईडी अफसर बनकर कॉल किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार करने का डर दिखाकर 5 लाख रुपए मांगे। वे पत्रिका पढ़ते हैं, ऐसे फ्रॉड के बारे में उन्हें पता था, इसलिए वे चंगुल में नहीं फंसे। कई लोगों ने भी ठगों को मुंहतोड़ जवाब दिया। बता दें, पत्रिका ने लगातार जागरूकता अभियान चलाया। कार्यशालाएं कीं। बैनर-पोस्टर से लोगों को जागरूक किया।
इस साल के शुरुआती डेढ़ माह में डिजिटल अरेस्ट से ठगी का कोई केस नहीं आया। अन्य शिकायतों में भी कमी आई। जागरूकता अभियान का असर है कि लोग बदमाशों के झांसे में नहीं आ रहे हैं। - राजेश दंडोतिया, एडिशनल एसपी, क्राइम ब्रांच
लगातार जागरुकता अभियान चलाने का फायदा हुआ। इस साल अब तक कोई केस नहीं आया है। लोग समझने लगे हैं। एक व्यक्ति ने साइबर ठगी के प्रयास की रिपोर्ट लिखाई ताकि आरोपी पकड़ा जा सके। - शैलेन्द्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी, क्राइम भोपाल