कलयुगी बेटे का कारनामा, अंतिम संस्कार के लिए नहीं थे पैसे, परिवार को भी नहीं बताया
शहर में एक बेटे द्वारा मां की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार करने की बजाय शव को गड्ढे में फेंकने का मामला सामने आया है। जिस मां ने बेटे को नौ महीने तक कोख में रखा और पाला पोसा उस बेटे से मां को कभी भी यह उम्मीद नहीं रही होगी कि वह उसका अंतिम संस्कार तक नहीं करेगा।
गुनगा थाना पुलिस ने बताया कि गुनगा क्षेत्र के ग्राम दिल्लोद में रहने वाला जग्गा उर्फ जगदीश (45) अपनी 80 वर्षीय मां तुलसा बाई के साथ रहता था और मेहनत मजदूरी करता है। 13-14 फरवरी की दरमियानी रात उसकी मां का निधन हो गया। इस पर बेटे ने मां का सामाजिक रीति-रिवाज से दाहसंस्कार नहीं करते हुए उसे ले जाकर एक गड्ढे में फेंक दिया। दूसरे दिन परिवार के लोगों ने जगदीश से मां के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसके शव को गड्ढे में फेंक आया। इस पर परिवार के लोगों ने गुनगा थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को गड्ढे से निकलवाकर पीएम के लिए हमीदिया भेजवाया। पीएम के बाद तुलसा बाई का अंतिम संस्कार कराया। पुलिस आरोपी बेटे के खिलाफ मर्ग कायम कर लिया है।
महिला की मदद करने वाला नहीं था
गरीबी का ऐसा दंश की खाने तक की व्यवस्था सरकारी राशन से ही होती थी। बेटा 45 वर्ष का है, अब तक शादी नहीं हुई है। परिवार में मां बेटे ही थे। मां ल्बे समय से बीमार थी। कोई मदद करने वाला नहीं था। पुलिस का कहना है कि आरोपी बेटे को ऐसा लगा कि उसके पास पैसे नहीं हैं। ऐसे में वह मां का दाह संस्कार कहां से करेगा, लेकिन उसने यह बात किसी को बताई नहीं। घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर वन विभाग की जमीन है। उस पर वन विभाग ने पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदकर फेंसिंग कर रखी है।
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