मिशन मोड में आयोग: चुनाव की तैयारियों को लेकर आज कलेक्टरों से होगा संवाद, बोर्ड परीक्षाओं के बाद पंचायत चुनाव कराने की तैयारी
भोपाल. मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग इलेक्शन मोड में आ गया है। राज्य सरकार को भी इसके संकेत मिल गए हैं। इसके चलते गृह विभाग ने आयोग की सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी है। चुनावी तैयारियों को लेकर आयोग 6 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए कलेक्टरों से चर्चा करेगा। नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना अगले हफ्ते तक जारी होने की संभावना है। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव बोर्ड परीक्षाओं के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद मतदान केन्द्रों की मैपिंग कर ली है। निकाय चुनाव के लिए करीब 20 हजार मतदान केन्द्र बनाए हैं, जबकि पंचायतों में 76 हजार मतदान केन्द्र चिह्नित किए गए हैं। निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे। इसमें वोटरों और मतदानकर्मियों के लिए मास्क, सैनेटाइजर सहित कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। आयोग के पास 45 हजार कंट्रोल यूनिट और 1 लाख 65 हजार बैलेट यूनिट शामिल हैं, जो पर्याप्त हैं।
7 लाख से ज्यादा वोटर बढ़े
एक साल में करीब सात लाख से ज्यादा मतदाता बढ़े हैं। निर्वाचन आयोग ने 3 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया है। वर्ष 2021 के अनुसार 407 निकायों में 1,69,16,083 मतदाताओं के नाम हैं, जबकि वर्ष 2020 के अनुसार सूची में 1,65,99,650 मतदाताओं के नाम थे। इसी तरह से पंचायतों की सूची में वर्ष 2021 की मतदाता सूची में 3,92,81,301 मतदाताओं के नाम हैं। जबकि वर्ष 2020 के अनुसार सूची में 3,85,38,915 मतदाताओं के नाम थे।
इंदौर में डेढ़ लाख फर्जी मतदाता, सूची निरस्त करने की रखी मांग
नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के साथ ही कांग्रेस ने इंदौर में जारी मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा होने का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया ने चुनाव आयोग पहुंचकर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इंदौर में डेढ़ लाख फर्जी मतदाताओं के नाम सूची में हैं। प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयुक्त से मिलकर मतदाता सूची में हुई छेड़छाड़ और लाखों की संख्या में जोड़े गए फर्जी नामों को लेकर सूची स्थगित करने की मांग की है। कांगे्रस ने इंदौर सहित पूरे प्रदेश की मतदाता सूची की जांच कराने की भी मांग की।