अब नहीं बच पाएंगे कैमरों की नजर से

प्रदेश के संवेदनशील शहरों की फेहरिस्त में शामिल सिवनी शहर अब बिगड़े यातायात और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने हाइटेक कैमरों के कड़े पहरे में रहेगा।

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Nov 02, 2015
सिवनी.
प्रदेश के संवेदनशील शहरों की फेहरिस्त में शामिल सिवनी शहर अब बिगड़े यातायात और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने हाइटेक कैमरों के कड़े पहरे में रहेगा।शहर के हर एक कोने-कोने में कैमरे का पहरा लगाने की तैयारी ली गई है। शहर के संवेदनशील इलाकों के साथ ही महत्वपूर्ण चौराहों और शहर के प्रवेश मार्गो पर
158
हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। शहर में प्रवेश करते ही लोग इन हाइटेक कैमरों में दर्ज हो जाएंगे।

अपराधों पर लगेगा अंकुश

एएसपी समर वर्मा ने बताया कि शहर के अंदर प्रवेश करने वाले सभी मार्ग, चौक-चौराहों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों के साथ-साथ शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में हाईक्वालिटी के कैमरे लगने से अपराध गठित करने वाले लोगों में खौफ रहेगा। वहीं अपराध भी कम घटित होंगे। रात के अंधेरे में चोरी और अन्य अपराधों को घटित करने वाले अपराध भी इन कैमरों की नजर से नहीं बच पाएंगे। पीजीजेड और इन्फ्रारेड कैमरे रात के अंधेरे में साफ तस्वीर और दूर-दूर तक देख सकते हैं। इससे शहर में बढ़ती वाहन चोरी में भी लगाम लगेगा।

ट्राफिक का उल्लघंन हुआ तो घर पहुंचेगा चालान

शहर में हाइटेक और बड़ी संख्या में लगाए जा रहे कैमरे की कवायद से अब शहर का ट्राफिक की व्यस्थित होगा। एएनपीआर कैमरे वाहन चालकों पर पैनी नजर रखेंगे। शहर में प्रवेश करते ही एएनपीआर कैमरे (ऑटोमैटिक नम्बर प्लेट रेकग्निजेशन) का फोकस गाड़ी के नंबर प्लेट पर हो जाएगा। सिग्नल तोडऩे, बिना हेलमेट, बिना नंबर और दस्तावेज के चलने पर सीधे उनके घर चालान का कागज पहुंच जाएगा। वाहन चालकों को न्यायालय में जाकर शुल्क पटाना पड़ेगा।

शहर भर में लगेंगे 158 कैमरे-

पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने बताया कि शहर के
43
जगहों पर
158
कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे लगाए जाने वाले स्पॉटों को चिन्हित कर लिए गए हैं।
158
कैमरों में
30
कैमरे पीटीजेड कैमरे,
120
इन्फ्रारेड कैमरे और
08
एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे।
Published on:
02 Nov 2015 11:17 am
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