Indore- राज्यसभा में उठा इंदौर में दूषित पानी का मुद्दा, कनार्टक के कांग्रेसी सांसद ने पूछे सवाल
Indore- मध्यप्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी के सेवन से कई मौतें हो चुकी हैं। शहर के भागीरथपुरा में अभी भी कई प्रभावितों की हालत गंभीर बनी हुई है। देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूषित पेयजल सप्लाई के इस मामले ने राज्य सरकार पर सवाल खड़ा कर दिया है। इस त्रासदी के कारण इंदौर की छवि भी खराब हो रही है। इतना ही नहीं, अब यह मुद्दा देश की संसद में भी उठाया गया है। कर्नाटक से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने दूषित जल आपूर्ति पर सवाल पूछते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री 2 फरवरी को राज्यसभा में इसका जवाब देंगे। संसद में सवाल उठने पर इंदौर नगर निगम के अफसर फंसते दिख रहे हैं। जवाब प्रस्तुत करने में बेहद सतर्कता बरती जा रही है।
इंदौर त्रासदी में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मृतकों को श्रद्धांजलि देने और मामले में राज्य सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए एक और धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उन्होंने 16 फरवरी से शुरू हो रहे मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भी यह मामला उठाने की बात कही है।
त्रासदी का जायजा लेने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इंदौर का दौरा कर चुके हैं। तब उन्होंने इस मुद्दे को संसद में उठाने की बात कही थी। अब कर्नाटक के राज्यसभा सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने इंदौर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाया है। राज्यसभा सचिवालय ने उनके सवालों पर जल शक्ति मंत्रालय से जवाब मांगे हैं। सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन के प्रश्नों के उत्तर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री देंगे। वे 2 फरवरी को राज्यसभा में जवाब पेश करेंगे।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने राज्यसभा में पूछा कि इंदौर की स्वच्छता और सीवरेज व्यवस्था किन कारणों से नाकामयाब रही! सीवरेज का मल मूत्र से भरा गंदा पानी पेयजल की लाइनों में कैसे मिल गया! उन्होंने यह भी पूछा है कि क्या सरकार को उन रिपोर्ट्स की जानकारी है, जिनमें भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से मौतें होने और बड़ी संख्या में बीमार पड़ने की बात सामने आई है।
देश की संसद में सवाल उठने पर इंदौर के प्रशासनिक हल्कों में बेचैनी साफ देखी जा रही है। इंदौर नगर निगम को शुक्रवार शाम तक सवालों के जवाब तैयार कर भेजने थे जिसके कारण दिनभर गहमागहमी बनी रही। जरा सी भी चूक होने पर अफसर फंस सकते हैं इसलिए शुक्रवार को जवाब बनानेवाले अधिकारी अतिरिक्त सतर्कता बरतते रहे।