भोपाल

Old Pension Scheme : पुरानी पेंशन बहाली को लेकर जुटने लगे सरकारी कर्मचारी, यह है अपडेट

Old Pension Yojana- कई राज्यों के साथ ही पूरे मध्यप्रदेश में जारी है प्रदर्शन...।
3 min read
• •
Updated: 5 Sep 2022, 3:27 PM IST
penssion-1.png

भोपाल। पुरानी पेंशन बहाली (Old Pension Scheme) की मांग को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी संगठन एकजुट होने लगे हैं। झारखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन लागू है। इन कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि अगले चुनाव में पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा अहम रहेगा।

झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बाद मध्यप्रदेश में भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग ने जोर पकड़ लिया है। कई राज्यों के साथ ही एमपी के भी सरकारी कर्मचारी एक जुट होने जा रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल कर देगी, लेकिन अब तक ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है। इससे प्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारी-अधिकारी बेहद नाराज हैं।

राज्य सरकार तत्काल लागू करें

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी कहते हैं कि एक जनवरी 2005 के बाद जो भी सरकारी भर्ती हुई है, उसमें पुरानी पेंशन लागू नहीं है। जो बहुत ही गलत निर्णय है। कर्मचारी के लिए इससे ज्यादा दुखदायी समस्या कोई नहीं हो सकती। शिवराज सरकार को कर्मचारियों की पुरानी पेंशन प्रणाली को तत्काल लागू करना चाहिए। क्योंकि सेवानिवृत्ति के बाद कई कर्मचारी बीमारियों की गिरफ्त में भी आ जाते हैं। उन्हें परिवार का साथ नहीं मिल पाता है, ऐसे में वे अपना ध्यान रख सकें। ऐसे में पुरानी पेंशन स्कीम ही सभी सरकारी कर्मचारियों को राहत देगी। नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी या उनके परिवार का जीवन यापन करना मुश्किल हो जाएगा।

13 सितंबर को भोपाल में रैली

इधऱ, छिंदवाड़ा और मंडला जिले के आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने 13 सितंबर को भोपाल में तिरंगा कार रैली निकालने का ऐलान किया है।

छिंदवाड़ा-मंडला में प्रदर्शन

प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कई जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। छिंदवाड़ा और मंडला जिले में महिला शिक्षिकाओं की ओर से भजन गाकर गणेशजी के समक्ष सरकार को सदबुद्धि देने की प्रार्थना की गई। वहीं सीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इन जिलों के अध्यापकों ने 12 सूत्रीय मांग भी की, जिसमें क्रमोन्नति पदोन्नति, नियुक्ति दिनांक से आर्थिक लाभ, अतिथि शिक्षक को शिक्षक बनाने की मांग प्रमुख हैं।

मंदसौर में निकाली रैली

मंदसौर से खबर है कि यहां अध्यापक शिक्षक संघ ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आक्रोश रैली निकाली और गांधी चौराहे पर धरना भी दिया। इस मौके पर शिक्षकों ने कहा कि वे काफी समय से पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है।

बड़वानी में भगवान गणेश को सौंपा ज्ञापन

बड़वानी में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकारों से बार-बार मांग कर रहे शिक्षक अब भगवान की शरण में पहुंचे है। रविवार को प्रांतीय आाह्वान पर जिला मुख्यालय पर जिले के सभी शिक्षकों ने पहले पैदल और उसके बाद बाइक रैली निकाली। इस दौरान गणेश पांडाल में पहुंचकर भगवन श्रीगणेश के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली की मांग संबंधित ज्ञापन का वाचन किया और निराकरण के लिए सरकार को सदबुद्धि की प्रार्थनाएं की।

यह भी पढ़ेंः

गुना में भी दिखा विरोध

इधर, गुना से खबर है कि पुरानी पेंशन की मांग को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।

छतरपुर में भी निकाली रैली

छतरपुर से खबर है कि शिक्षक संवर्ग चरणीय शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर के माध्यम से सीएम को ज्ञापन दिया। शिक्षकों को अनुकंपा नियुक्ति और पुरानी पेंशन की मांग की गई। क्रमोन्नति और पदोन्नति की भी मांग की गई। आजाद शिक्षक संघ के अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई पर असर न हो इसलिए हम अपनी मांगें रविवार को करते हैं।

कांग्रेस भी कर चुकी है मांग

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी शिवराज सरकार से मांग कर चुके हैं कि प्रदेश के कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन प्रणाली को प्रदेश में तत्काल लागू करें। कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने भी कहा था कि पुरानी पेंशन को लेकर सदन में आवाज उठाई जाएगी। कांग्रेस से राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट कर राजस्थान की तरह मध्यप्रदेश में भी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग की थी।

केंद्र के कर्मचारी भी कर रहे धरना-प्रदर्शन

इधर, कई राज्यों में केंद्र सरकार के कर्मचारी भी पुरानी पेंशन की बहाली चाहते हैं। देश के 77 लाख सरकारी कर्मचारी लगातार, केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि जल्द ही पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई तो यह आने वाले चुनावों का बड़ा मुद्दा होगा। सरकारों को मुश्किल हो जाएगी। इस सिलसिले में कई राज्यों के केंद्रीय कर्मचारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ज्ञानप भेज चुके हैं।

Updated on:
5 Sep 2022, 3:27 PM IST
Published on: