अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर अब मध्यप्रदेश के हेरिटेज स्थलों को संवारा जाएगा। स्वर्ण मंदिर को संरक्षित करने के लिए जिस प्रकार काम होता है उसी पैटर्न को यहां भी अपनाएंगे। इसमें सबसे पहले इंदौर के राजवाड़े, भोपाल के हेरिटेज और ग्वालियर के बाडा को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में पुरातत्व महत्व वाली इमारतों के संरक्षण को लेकर स्वर्ण मंदिर का पैटर्न अपनाने की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद मुख्य सचिव बीपी सिंह ने इस पर काम शुरू किया है। इसमें पुरातत्व विभाग और धर्मस्व विभाग मिलकर संयुक्त योजना बनाएंगे। इसके तहत अफसरों की एक टीम भी जल्द स्वर्ण मंदिर का अध्ययन करने जाएगी। भोपाल के पास सांची, ताजुल मसाजिद सहित अनेक हेरिटेज बिल्डिंग्स हैं। इन सभी को संरक्षित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना शामिल होगी।
पहले चरण में इंदौर, भोपाल व ग्वालियर के प्रमुख स्थल होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में बाकी शहरों को लिया जाएगा। प्रदेश में सौ से ज्यादा बड़े हेरिटेज स्थल हैं। इन्हें सूचीबद्ध करके इस योजना में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा योजना के आर्थिक पहलु पर भी अभी मंथन होगा।
प्रदेश में प्रमुख हेरिटेज
- इंदौर राजवाड़ा
- भोपाल के समीप सांची
- ग्वालियर का किला व वाड़ा
- खजुराहो के मंदिर
- मांडू का किला
- महेश्वर मंदिर
- ओरछा मंदिर