
सीहोर जिले के शाहगंज के पास स्थित अमरगढ़ वॉटर फॉल जितना खूबसूरत है, उससे ज्यादा अब यह खतरनाक हो गया है। यह बरसाती झरना, भारी बारिश में और भी खतरनाक हो गया है। यहां सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण एक के बाद एक कई मौतें होती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि अब यह झरना एक के बाद एक लोगों की बलि ले रहा है।
भोपाल के एक युवक के बाद अब नर्मदापुरम का युवक अमरगढ़ वाटर फाल में डूब गया। वो अब तक नहीं मिला है। उसे ढूंढने के प्रयास सोमवार को सुबह भी किए गए। 25 साल का यह युवक पिकनिक मनाने शाहगंज के पास स्थित अमरगढ़ वाटर फॉल गया था। यहां पानी में उतरते ही तेज बहाव में गहराई में लापता हो गया। पिछले 10 दिनों में यह दूसरी बड़ी घटना है।
शाहगंज के अमरगढ़ वॉटरफॉल में पिकनिक मनाने गया नर्मदापुरम का एक युवक झरने के करीब डूब गया। घटना की जानकारी मिलने पर बुदनी क्षेत्र के वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया, लेकिन युवक नहीं मिला। सीहोर प्रशासन की सूचना पर दोपहर को नर्मदापुरम से होमागार्र्ड की विशेष टीम को अमरगढ़ वॉटर फॉल भेजा गया।
जानकारी के मुताबिक मालाखेड़ी निवासी 25 वर्षीय शिवकांत यादव अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया था। सभी दोस्त नहाने के लिए झरने पर चले गए। इसी दौरान शिवकांत डूब गया। होमगार्ड कमांडेंट राजेश कुमार जैन ने बताया कि सूचना के बाद एक टीम भेजी गई है। युवक की तलाश की जा रही है। मालाखेड़ी निवासी युवक अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया था।
14 जुलाई को भी हुआ था हादसा
शुक्रवार को अमरगढ़ वाटर फाल देखने गया भोपाल की मिनाल रेसीडेंसी का रहने वाला आकाश जायसवाल (28) झरने में नहाने उतरा था, लेकिन तेज बहाव में बह गया। वह अपने दोस्तों अंकित जायसवाल, हर्ष राय, आदित्य भदौरिया, सीमा सुमन, डोमनिक टोपो के साथ कार से पिकनिक मनाने गए थे। शुक्रवार को दोपहर में जब वे अमरगढ़ में नहाने उतर गए। तभी आकाश का पैर फिसल गया और वो गहरे पानी में चले गया। जब वह नजर नहीं आया तो दोस्तों ने पुलिस को खबर दी। हादसे के वक्त वहां तेज बारिश हो रही थी। शाम होने के कारण प्रशासन को रेस्क्यू करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक एक युवक अचानक पानी में गिरकर डूब गया है। शनिवार सुबह 6 बजे के बाद दोबारा रेस्क्यू किया जाएगा।
बारिश में आकर्षक हो जाता है यह झरना
सीहोर जिले के खटपुरा गांव से लगा अमरगढ़ झरना बारिश में आकर्षण का केंद्र बन जाता है। यह झरना धुआंधार जैसा हो जाता है। बड़ी संख्या में आसपास के शहरों के लोग पहुंचने लगे हैं। हालांकि यह सिर्फ बरसाती झरना होने और आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में कोई आबादी नहीं होने के कारण यहां किसी प्रकार के सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। यहां लोग अपनी रिस्क पर जाते हैं।
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28 जून को भी हुआ हादसा
अमरगढ़ वाटर फाल में 28 जून को भी बुरी खबर आई थी। दीपेश कुमार पुत्र चंद्रकांत (20) भोपाल के टीआईटी कालेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। बिहार के मधुबनी निवासी दीपेश अपने पांच दोस्तों के साथ अमरगढ़ वाटर फॉल पिकनिक मनाने गया था। वहां पर नहाने के दौरान दीपेश कुमार का पैर फिसल गया और वो गहे कुंड में चले गया। ऊपर से वाटर फाल का पानी गिरने से वो कुंड के ऊपर नहीं आ पया और उसकी मोत हो गयी। दो घंटे बाद उसका शव बाहर आ पाया था।