Online land Record: नई व्यवस्था के तहत ई-पंजीयन से ई-वेरिफिकेशन कर लिया जाएगा। दस्तावेजों का ऑनलाइन पोर्टल पर ही पंजीयन होगा। नामांतरण भी इससे लिंक रहेगा।
Online land Record:भोपाल जल्द ही अब घर बैठे बिना गवाहों के दस्तावेज का पंजीयन होगा। तहसील से जुड़े मामलों में आवेदन और शिकायत की सुविधा मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल पर मिलेगी। नगर तथा ग्राम निवेश में किसी भी जमीन का ले-आउट मंजूर कराने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।
यह सभी सुविधाएं रजिस्ट्री के लिए तैयार हो रहे सॉफ्टवेयर में मिलेंगी। नई व्यवस्था के तहत ई-पंजीयन से ई-वेरिफिकेशन कर लिया जाएगा। दस्तावेजों का ऑनलाइन पोर्टल पर ही पंजीयन होगा। नामांतरण भी इससे लिंक रहेगा।
यानी इसकी अलग से प्रक्रिया नहीं करनी होगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार हो रहा है। सायबर तहसील में आरसीएमएस पोर्टल पर तहसील के सभी राजस्व मामलों को अपलोड किया गया है। ऑनलाइन नामांतरण, खसरा के क्रय-विक्रय से संबंधित नामांतरणों के प्रकरणों का यहीं से निराकरण तय किया गया है। साइबर तहसील को संपदा, भूलेख पोर्टल, राजस्व प्रकरण प्रबंधन पोर्टल से जोड़ा गया है।
● 1389.83 करोड़ का पंजीयन वित्तवर्ष 2023-24 में भोपाल में हुआ
● 2210 करोड़ का स्टांप शुल्क 2023-24 में भोपाल जोन ने वसूला
● 14 लाख 41 हजार 970 दस्तावेजों का पंजीयन प्रदेश में हुआ
● 6700 करोड़ का पंजीयन राजस्व बढ़ा है दस साल में प्रदेश में
● 200 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष पंजीयन राजस्व बढ़ रहा है भोपाल में
राजस्व पोर्टल पर रियल टाइम भू अभिलेख अपडेट होने से पटवारी की भूमिका खत्म जाएगी। सात से पंद्रह दिन में शिकायतों और आवेदनों का निराकरण हो सकेगा। ऑनलाइन पोर्टल पर मामलों की तहसीलदार से लेकर एसडीएम, एडीएम व कलेक्टर कोर्ट में क्या तारीख और स्थिति है या ऑर्डर को देखा जा सकता है।
टीएंडसीपी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गयी है। लैंड रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर से इसे जोड़ा गया है, जिससे जमीन का खसरा नंबर दर्ज करते ही उसका मौजूदा उपयोग, जीआइएस स्टेटस और अन्य बकाया पता चल जाता है।