
17 लाख करोड़ पर पहुंचा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (Photo-IANS)
MP GSDP- केंद्रीय बजट के लिए कवायद तेज हो गई है। शनिवार को नई दिल्ली में देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट मीटिंग रखी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में एमपी के वित्त मंत्री व उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी सम्मिलित हुए। उन्होंने प्रदेश में विकास कार्यों के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान रखने की बात कही। बैठक में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी)में एमपी की ऊंची छलांग की बात भी सामने आई। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि प्रदेश की जीएसडीपी करीब 17 लाख करोड़ पर पहुंच गई है। उन्होंने सिंहस्थ 2028 के लिए 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज भी मांगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मध्यप्रदेश के संदर्भ में सकल घरेलू उत्पाद की गणना, एसएनए स्पर्श, वस्तु एवं सेवा कर, सिंहस्थ के लिए विशेष पैकेज आदि पर केंद्रीय वित्त मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बजटीय विश्वसनीयता और व्यय की गुणवत्ता को नीति आयोग और भारतीय रिजर्व बैंक ने सराहा है। प्रदेश राजस्व आधिक्य में रहा है और सभी निर्धारित वित्तीय सूचकांकों के पालन में भी सफल रहा है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे विशाल प्रदेश के लिए अपेक्षाकृत अधिक वित्तीय संसाधनों की जरूरत रहती है। प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक वृद्धि दर 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। 15वें वित्त आयोग की गणना के आधार पर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रूपए है। भारत सरकार द्वारा ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना के लिए प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 15 लाख 44 हजार 141 करोड़ रूपए मान्य किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस विसंगति को दूर करने की मांग की। उन्होंने ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रूपए को मान्य करने का आग्रह किया। आगामी वर्षो में भी ऋण सीमा के निर्धारण के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा बताई गयी गणना की प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को ही आधार मान्य करने का अनुरोध किया।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के लिए 20 हजार करोड़ वित्तीय सहायता के रूप में विशेष पैकेज देने का अनुरोध किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क, घाट, पुल-पुलिया निर्माण, यात्रियों के ठहरने के स्थल तथा चिकित्सालय आदि के निर्माण के लिए राशि मांगी गई।
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने केंद्र सरकार की एसएनए स्पर्श प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में इसके समान ही शत-प्रतिशत राज्य कोष से पोषित योजनाओं के लिए भी प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि जीएसटी दरों में युक्ति-युक्तकरण का प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव हुआ है। इससे पनीर, ब्रेड, बटर, चीज, साबुन, शैम्पू, जीवन रक्षक दवाएं, मेडिकल ऑक्सीजन आदि सस्ती होने से आमजन में हर्ष है। टेलीविजन, एसी, छोटी कारें, बाइक, ट्रेक्टर, सिंचाई उपकरण आदि की कीमतों में कमी होने से प्रदेश के किसान, वेतनभोगियों एवं मध्यम वर्ग के साथ-साथ महिलाओं द्वारा भी खुशी व्यक्त की गयी है।
वित्त मंत्री ने प्रदेश में पूंजीगत कार्यों को और अधिक गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में वृद्धि करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी को प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन किये जाने विषयक नया अधिनियम स्वागत योग्य है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रधानमंत्री जनधन खातों के संचालन, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना को प्रभावी बनाने के लिए भी सुझाव दिए।
Updated on:
10 Jan 2026 08:38 pm
Published on:
10 Jan 2026 08:37 pm
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