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एमपी में होस्टलों के सिस्टम में बड़ा बदलाव, अब ऑनलाइन आवेदन पर ही मिलेगी एंट्री

MP hostels- होस्टलों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा

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Entry to hostels in MP now only through online application

Entry to hostels in MP now only through online application

MP Hostels- एमपी में सरकारी होस्टलों में एंट्री की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार होस्टलों में अब ऑनलाइन आवेदन पर ही प्रवेश मिलेगा। राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सरकारी होस्टलों में वर्ष 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से विशेष ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है। अधिकारियों के अनुसार होस्टलों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। स्‍थान रिक्‍त होने पर दूसरे चरण के लि‍ए 6 अप्रैल से 10 जून तक आवेदन किए जा सकेंगे। MP में करीब 600 होस्टल संचालित किए जा रहे हैं।

राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रदेश में संचालित होस्टलों में विशेष रूप से वंचित वर्ग के बच्चों को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पारदर्शी ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली प्रारंभ की गई है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका एवं बालक छात्रावासों में इसी सिस्टम के अंतर्गत प्रवेश दिए जाएंगे।

प्रदेश के आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीट आवंटन, अभिलेख संधारण और प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए एक समेकित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह ई-हॉस्टल प्रबंधन सिस्टम विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) टाइप-I एवं टाइप-III तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस (एनएससीबी) बालक, बालिका छात्रावासों के पारदर्शी प्रबंधन और उनमें प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डेवलप किया गया है।

होस्टलों में कक्षा 6वीं एवं अन्‍य कक्षाओं की रिक्‍त सीटों पर प्रवेश के लि‍ए विद्यार्थी प्रथम चरण में 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रथम चरण के बाद सीट्स रिक्त रहने की स्थिति में द्व‍ितीय चरण के आवेदन की प्रक्र‍िया शुरू होगी। यह 6 अप्रैल 2026 से 10 जून तक चलेगी।

अभिभावकों, विद्यार्थियों को छात्रावासों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह आवेदन एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेन्टर के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in पर जाकर करना होगा। यदि किसी अभिभावक, विद्यार्थी को आवेदन फॉर्म भरने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे संबंधित वार्डन के सहयोग से भी आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।

होस्टलों में लक्ष्य के अनुसार 50, 100, 150, 175, 200, 220 तथा 275 सीटें उपलब्ध हैं। कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-I) एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावासों में प्रवेश दिया जाता है। वहीं कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-III) में प्रवेश की पात्रता होती है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास की मार्गदर्शिका के अनुसार 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं, जबकि 25 प्रतिशत सीटें गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन-यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें अस्थि बाधित, अनाथ एवं बेसहारा बालिकाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाती है।

प्रदेश में संचालित 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावासों में कक्षा 3 से 8 तक के पात्र बालकों को प्रवेश दिया जाता है। ये होस्टल विशेष रूप से शाला अप्रवेशी एवं शाला त्यागी बालकों के लिए संचालित किए जाते हैं। ऐसे बालकों को उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में दर्ज कर विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक दक्षताएं विकसित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाता है।

प्रदेश में 597 होस्टल

राज्य शिक्षा केंद्र अंतर्गत प्रदेश में कुल 597 छात्रावास संचालित है। इनमें 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास तथा 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास शामिल हैं।