
MPPWD- प्रतीकात्मक तस्वीर
MPPWD- नए दौर में सड़क, पुल, बिल्डिंग आदि विकास की गति और दिशा तय करने की रीढ़ हैं। ऐसी अधोसंरचनाओं से लोगों का जीवन सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनता है। सड़क, पुल, बिल्डिंग आदि जन-जीवन को विकास से सीधे जोड़ते हैं। प्रदेश में इनके गुणवत्तायुक्त निर्माण की कवायद की जा रही है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग यानि पीडब्लूडी नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक के साथ नवाचार भी किए जा रहे हैं। इंजीनियरों को और दक्ष बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत रवीन्द्र भवन में राज्यस्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण-सत्र आयोजित किया गया। यहां विभाग के 1500 से ज्यादा इंजीनियरों ने प्रशिक्षण लिया। इस दक्षता का इस्तेमाल अब प्रदेश में रोड, ब्रिज और बिल्डिंग निर्माण में किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित कार्यक्रम को सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया। उन्होंने अभियंताओं के प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और आधुनिक परियोजना प्रबंधन में मार्गदर्शन के लिए विकसित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क 2026 का विमोचन किया।
कार्यक्रम में लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण - लोकपथ 2.0 का लोकार्पण भी हुआ। पीडब्लूडी का यह ऐप सड़कों के रखरखाव की निगरानी, शिकायतों के निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा तथा सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने के लिए आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।
सीएम मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि भगवान श्रीराम के समय नल और नील ने समुद्र पर पुल निर्माण करने की तकनीक खोज ली थी। भगवान विश्वकर्मा ने पुष्पक विमान बनाया था। लंका विजय के बाद श्रीराम, माता सीता के साथ इसी विमान से अयोध्या आए थे। उन्होंने कहा कि आज के अभियंता आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बना रहे हैं। देश के इंजीनियर मुंबई में समुद्र पर ब्रिज, पहाड़ों के बीच से टनल और हाई-वे का निर्माण कर रहे हैं, जो तकनीक और निर्माण प्रक्रिया की दृष्टि से विश्वस्तरीय हैं।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कार्यक्रम में विभाग की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग केवल सड़कें, पुल और भवनों का निर्माण करने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की गति, दिशा और विकास की रीढ़ है। विभाग द्वारा बनाई गई सड़कें किसानों को मंडियों से, बच्चों को शिक्षा से, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से और उद्योगों को निवेश के अवसरों से जोड़ती हैं। यही कारण है कि विभाग में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि समय के साथ परियोजनाओं का स्वरूप बदला है। नई तकनीक, नई निर्माण सामग्री और नई सोच के साथ कार्य करने के लिए इंजीनियरों का तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से सशक्त और प्रबंधन में निपुण होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि विभाग में इंजीनियर्स के लिए आधुनिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की कल्पना साकार हो रही है। इससे इंजीनियरों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि अगले दो सालों में प्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का समूह होगा।
लोकपथ 2.0 ऐप, लोक कल्याण सूचकांक आदि का उल्लेख करते हुए मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि विभाग के इन नवाचारों को अन्य राज्यों ने अपनाने की इच्छा व्यक्त की है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने अगले तीन साल के लक्ष्य और विकसित भारत@2047 के लिए समय सीमा में गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव, प्रबंध संचालक भवन विकास निगम सिबि चक्रवर्ती, भास्कराचार्य संस्थान के अजय पटेल विशेष रूप से उपस्थित थे।
Updated on:
10 Jan 2026 07:36 pm
Published on:
10 Jan 2026 07:33 pm
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