MP News: पिछले तीन साल से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अस्पताल अधीक्षक राशि बढ़ाकर 200 रुपए करने का प्रस्ताव दे रहे हैं।
मनोज कुमार
MP News: भोपाल सहित मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में भर्ती रोगियों की थाली से पौष्टिक आहार नदारद है। पौष्टिक के नाम पर मरीजों की थाली में निम्न गुणवत्ता वाला भोजन परोसा जा रहा है। सरकार प्रति दिन प्रति मरीज के भोजन पर सिर्फ 48 रुपए खर्च करती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि महंगाई के दौर में इतनी कम धनराशि में मरीज को दिन में दो बार के नाश्ते और दो बार के खाने में क्या मिलता होगा।
पिछले तीन साल से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अस्पताल अधीक्षक राशि बढ़ाकर 200 रुपए करने का प्रस्ताव दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार एस भोपाल की तरह अपने अस्पतालों में पौष्टिक आहार देने के लिए राजी हुई है, लेकिन अभी यह फाइलों में घूम रहा है।
सुबह का नाश्ता: पोहा, उपमा या ब्रेड, दूध 250 एमएल 10 रुपए
सलाद: एक कटोरी (50 ग्राम) 2 रुपए
रोटी: चार नग (120 ग्राम) 5 रुपए
हरी सब्जी: एक कटोरी (100 ग्राम) 5 रुपए
दाल: एक कटोरी (30 ग्राम) 5 रुपए
नमकीन दलिया: एक कटोरी (100 ग्राम) 3 रुपए
एम्स की तरह अन्य अस्पतालों में पौष्टिक आहार की तैयारी चल रही है। इसके तहत अगल- अलग बीमारी के मरीजों को उपयुक्त गुणवत्ता वाला भोजन परोसा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी किए जाने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।- डॉ. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ, भोपाल
मरीजों के भोजन का बजट बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। किचन टेंडर में भी बदलाव होगा, ताकि मरीजों को गुणवत्ता युक्त भोजन मिल सके।- डॉ. हिमांशु जैसवार, उप संचालत, अस्पताल प्रशासन