
Open Jail for Women Prisoners: महिला कैदियों के लिए जेल विभाग ने अपने मैन्युअल बदलने की तैयारी की है। अब तक प्रदेश में सिर्फ पुरुष बंदियों के लिए खुली जेल थी, लेकिन सरकार की मुहर के बाद मध्यप्रदेश तीसरा ऐसा राज्य हो जाएगा, जहां महिला कैदियों को भी खुली जेल में रखा जाएगा। अब तक महाराष्ट्र और राजस्थान में ही ऐसा है। जेल विभाग के इस संसोधन के बाद प्रदेश की जेलों में बंद 1600 महिला कैदी भी सजा अवधि में खुली हवा में सांस ले पाएंगी। विभाग की नई प्रस्तावित नियमावली के अनुसार, इस सुविधा का लाभ सिर्फ उन महिला कैदियों को ही मिलेगा, जिन्होंने या तो कुल सजा की दो तिहाई अवधि पूरी की है या जिनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है।
प्रदेश में अभी भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, सागर, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर में खुली जेल संचालित हैं। इनमें फिलहाल केवल पुरुष कैदियों को ही रखा जाता है।
खुली जेल में अच्छे व्यवहार, कम खतरनाक और सजा का बड़ा हिस्सा काट चुके कैदियों को यहां रखा जाता है। कैदी वन बीएचके जैसे कमरों में रहते हैं। जहां वो अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी रह सकते है।
महिलाओं को खुली जेल में रहने की पात्रता देने की योजना बनाई है। शासन को संशोधन का प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही सुविधा मिलेगी।
-वरुण कपूर, डीजी, जेल