भोपाल

भोले की भक्ति में ऐसे झूमे क़ाबड़िये

कर्म श्री की कबड़ यात्रा होशंगाबाद के सेठानी घाट से शुरू होकर मंडीदीप पहुंची, सोमवार को गुफा मंदिर में करेंगे नर्मदा जल से भोले का जलाभिषेक

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Aug 06, 2018
कांवड़ यात्रा की तैयारियों की खुली पोल, बदइंतजामी ने की शिव भक्तों को सुलाया मौत की नींद

मंडीदीप/औबेदुल्लागंज/भोपाल। कर्मश्री की 11 वीं कांवडयात्रा में शामिल हजारों कांवड़िए पूरे यात्रा मार्ग में भोले की भक्ति में चूर होकर, भजनों की धुन पर नाचते गाते, रविवार सांय मंडीदीप पहुंच गए हैं। यहां कांवड़यात्रा का दूसरा पड़ाव हैं। गौरतलब है कि बरखेड़ा-उमरिया में रात्री विश्राम उपरांत रविवार सुबह 9ः30 बजे कांवड़यात्रा पुनः प्रारंभ हुई।

उमरिया गुरूद्वारे में यात्रा के संयोजक विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा मध्यप्रदेश की खुशहाली के लिए मत्था टेककर विशेष अरदास कराई गई। यहां कांवड़ियों का गुरूद्वारा प्रबधंक कमेटी की ओर से स्वागत किया गया। यहां मन की बात सुनने उपरांत जब कांवड़यात्रा रवाना हुई तो ओबेदुल्लगंज से लेकर मंडीदीप तक राह में सैकड़ों जगह स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जनसंगठनों, नागरिकों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

जगह-जगह कांवड़ियोे के जलपान की व्यवस्था की गई थी। ओबेदुल्लागंज और मंडीदीप में जगह-जगह स्वागत द्वारा सजाए गए थे। स्वागत मंचों से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जा रही थी। कई किमी लंबा कांवड़ियों का रेला मनमोहक दृश्य उत्पन्न कर रहा था। सांय 6 बजे खबर लिखे जाने तक कांवड़यात्रा अपने दूसरे पड़ाव मंडीदीप तक पहुंच गई है। कल श्रावण सोमवार को कांवड़यात्रा भोपाल में प्रवेश करेगी।

बैरागढ़ चीचली के रास्ते में भोपाल में प्रवेश कर कांवड़यात्रा राजधानी के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए देर सांयकाल गुफा मंदिर पहुंच कर कांवड़ में लाए नर्मदाजल से भगवान के आसुतोष स्वरूप का अभिषेक करेंगे। उमरिया गुरूद्वारे में कांवड़ियों का भव्य स्वागत ‘‘कमश्र्री’’ की कांवड़यात्रा दूसरे दिन रविवार सुबह अपने पहले पड़ाव बरखेड़ा से रवाना होकर सुबह तक 10 बजे उमरिया पहुंची।

उमरिया गुरूद्वारे में गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। यहां कांवड़ियों के रूकने ओर जल-पान की व्यवस्था भी की गई थी। यहां कांवड़यात्रा में शामिल सभी कांवड़ियों का गुरूद्वार प्रबंधक कमेटी की ओर से अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर गुरूद्वारे प्रबंधक समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, सचिव राजेंद्र सिंह, शिवराज सिंह गिल, सुरजीत सिंह गिल, भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि यहां से यात्रा दोपहर 1ः00 बजे औबेदुल्लागंज पहुंची जहां नगर पंचायत परिषद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिक कावंड़ियों द्वारा कांवड़ियों का स्वागत गया। यहां कांवड़ियों के लिए दोपहर भोजन की व्यवस्था की गइ थी। ओबेदुल्लागंज से प्रस्थान के बाद कांवड़यात्रा का राज हाईट्स, नयापुरा, चालिस ब्लाॅक, इटाया कलां एवं मंडीदीप में सैकड़ों स्थानों पर भव्य स्वागत हुआ।

मंडीदीप में कांवड़ियों के लिए रात्री भोजन और रात्री विश्राम की व्यवस्था की गई है। उमरिया गुरूद्वारे और श्रीराम-जानकी मंदिर में मत्था टेका गुरूद्वारे में हुई अरदास और राष्ट्रगान रविवार सुबह अपने पहले पड़ाव बरखेड़ा से यात्रा आरंभ कर कांवड़यात्रा के संयोजक-विधायक रामेश्वर शर्मा सभी कांवड़ियों के साथ उमरिया स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर पहुंचे, यहां प्रभु के दर्शन का सभी कांवड़ियों के लिए आर्शीवाद प्राप्त किया।

तत्पश्चात मंदिर के सामने ही स्थित उमरिया गुरूद्वारे में श्री शर्मा सहित सभी कांवडिए परंपरानुसार मत्था टेकने पहुंचे। यहां यात्रा संयोजक रामेश्वर शर्मा ने गुरूग्रंथ साहब के समक्ष मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली के लिए विशेष अरदास करवाई। गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के द्वारा श्री शर्मा को साफा भेंट कर स्वागत किया गया।

इसके बाद सभी कांवड़िए गुरूद्वारे के सामने एकत्र हुए। यहां सभी ने गुरूद्वारे के समक्ष खड़े होकर सामूहिक राष्ट्रगान किया और भारत माता की जय सहित जो बोले सो निहाल-सत श्री अकाल का जयघोष भी किया। यात्रा संयोजक-विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि कांवड़यात्रा में प्रतिवर्ष कांवड़ियों द्वारा यात्रा मार्ग में जनचेतना-राष्ट्रचेतना के प्रसार का कार्य भी किया जाता है। कांवड़िए अपने हाथों में तिरंगा लिए हुए चलते हैं और नागरिकों को राष्ट्र के प्रति दायित्व निभाने का आहवान भी करते हैं।

इसी तारतम्य में रविवार सुबह उमरिया गुरूद्वारे में अरदास करने उपरांत सभी कांवड़ियों द्वारा सामूहिक राष्ट्रगान किया गया। गुरूओं का हिन्दुस्तान पर बड़ा उपकार है: रामेश्वर शर्मा गुरूओं की कुर्बानी से ही हिंदुओं का अस्तित्व है गुरूओं का हमारे हिन्दुस्तान पर बड़ा उपकार है। गुरू गोबिंद सिंह ने अपने पुत्रों की कुर्बानी और गुरू तेग बहादुर ने अपने शीष की कुर्बानी देकर हिंदु धर्म और हिंदुस्तान

की रक्षा की थी। उन्हीं की कुर्बानी के कारण ही आज हमारे धर्म का अस्तित्व है। उमरिया गुरूद्वारे में कांवड़ियों को संबोधित करते हुए कांवड़यात्रा के संयोजक रामेश्वर शर्मा ने उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होने प्रतिवर्ष गुरूद्वारे में कांवड़ियों की सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि यहां कांवड़ियों की प्रेम के साथ सेवा होती है। यह सिक्खों की परंपरा है, इससे सभी को सीख लेनी चाहिए।

उमरिया गुरूद्वारे में गुरूद्वारे समिति के सेवादार हर साल कांवड़ियों को रूकवाते हैं, प्रसाद के रूप में पेट भर भोजन कराते हैं, इससे सभी कांवड़ियों को उर्जा मिलती है। औबेदुल्लागंज-मंडीदीप में भी भव्य स्वागत कांवड़यात्रा का रविवार को औबेदुल्लागंज और मंडीदीप में भव्य स्वागत किया गया। बरखेड़ा-उमरिया के बाद कांवड़यात्रा पूर्वान्ह 11.40 पर औबेदुल्लागंज पहुंची जहां नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हरप्रीत कौर ‘‘बिट्टू रानी’’, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेंद्र अग्रवाल, रामेश्वर नागर, जे पी शर्मा, भूपेंद्र नागर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा ढोल ढमाकोे के साथ भव्य स्वागत किया गया।

यहां लोकनर्तकों के दल कांवड़ियों की अगुवाई की। कांवड़ियों के स्वागत के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा स्वागत मंच भी सजाए गए थे। यहां कांवडियों के लिए दोपहर भी भोजन की भी व्यवस्था स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा की गई थी। दोपहर भोजन उपरांत कांवड़यात्रा अपने दूसरे पड़ाव मंडीदीप की ओर रवाना हुई तो राह में जगह-जगह आसपास के रहवासियों द्वारा कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया।

राज हाईट्स स्कूल में कांवड़िया का अल्पहार हुआ। कांवड़यात्रा सांय 6 बजे मंडीदीप पहुंची। मंडीदीप में एचईजी फैक्ट्री के सामने से लेकर नगर भ्रमण के दौरान लगभग आधा सैकड़ा स्थानों पर कांवड़ियों का स्वागत हुआ। यहां नगरपालिका अध्यक्ष बद्रीसिंह चैहान, भाजपा नेता राजेंद्र अग्रवाल, पूर्व नपाध्यक्ष पूर्णिमा जैन, शिव सिंह चैहान, समैया परिवार, प्रीतमसिंह, शुभम खटिक, मनोज प्रजापति सहित अन्य जनप्रतिनिधियों-नागरिकों ने कांवडियों का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया।

Published on:
06 Aug 2018 08:08 am
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