Patrika Raksha Kavach Abhiyan: बाग सेवनिया थाने में लोगों को किया जा रहा है साइबर अपराध से निपटने के लिए जागरुक, चस्पा की पत्रिका की खबरे
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नए नए तरीकों से यह साइबर जालसाज लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और उनके साथ ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। कई बार लालच तो कई बार जागररुकता के अभाव की वजह से लोग भी इन जालसाजों के शिकंजे में फंस जाते हैं।
2024 के सितंबर महीने तक ही भोपाल में साइबर अपराध की 4470 शिकायतें भोपाल साइबर सेल के पास पहुंची थी जिसमें करीब 43 करोड़ की ठगी की गई। हर साल ये आंकड़े बढ़ रहे। पत्रिका ने लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम शुरू की तो इसके साथ पुलिस विभाग भी पत्रिका के साथ आया।
थानों में जो भी लोग अन्य अपराधों की शिकायत लेकर आते हैं या अन्य किसी कार्य से आते हैं तो उन्हें यहां पर पुलिसकर्मी साइबर ठगी से जागरूक करवाते हैं ताकि कभी उनके पास जल साजों का कॉल आए या उन्हें फसाने के लिए किसी भी तरह का जाल फेंका जाए तो वह लोग उसको समझा जाए और उससे बच सके।
पत्रिका में लगातार प्रकाशित खबरों को भी थानों में चश्पा कर लोगों को साइबर थाने के लिए जागरुक किया जा रहा है। टीआई अमित सोनी ने बताया कि पत्रिका रक्षा कवच अभियान के बाद बागसेवनिया थाने में भी लोगों को इसी तरह जागरूक किया जा रहा है। यहां पर पत्रिका की वो खबरें भी चस्पा की गई है, जिसमें हर रोज होने वाले साइबर अपराध की जानकारी है।
-अज्ञात लिंक और अज्ञात लोगों के द्वारा दिए गए प्रलोभन से बचने की सीख।
-डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई भी कार्रवाई पुलिस नहीं करती।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी शेयर ना करें।
- सोशल मीडिया पर निजी जानकारी अपलोड करने से बचने की भी सलाह दी जा रही है।
- शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट लॉटरी और अन्य लाभ का प्रलोभन देकर ठगी की जाती है जिसको लेकर लोगों को बताया जा रहा है कि ऐसे किसी भी लालच से बचें।
पत्रिका में लगातार साइबर जालसाजी की खबरें प्रकाशित की जा रही है, पत्रिका भी आम लोगों के लिए रक्षा कवच का तरह काम कर रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जागरूक हो और इस तरह की ठगी से बच सकें। इन खबरों की वजह से कई लोग जागरूक हुए भी और ऐसी ठगी का शिकार होने से बचें है। लोगों के लिए भी जरूरी है कि वह नए-नए तरीकों को समझने के लिए लगातार इन खबरों को देखे और वो भी अपने स्तर पर इस मुहिम में शामिल हो कर अन्य लोगों को जागरूक करें।
एक निजी शिकायत लेकर बागसेवनिया थाने आए थे यहां पुलिस ने बताया कि कैसे लोगों को साइबर ठग लोगों को ठगते है। इससे हमें ऐसी बातें पता लगी जो हम नहीं जानते।
-अफसाना शेख, आम नागरिक
मेरे कई पहचान के लोगों के साथ ऐसी घटनाएं हुई है। मैं अपनी निजी शिकायत के लिए थाने आया था तो पुलिस ने मुझे बताया कि कैसे साइबर ठगों से सावधान रहना है, मेरे कई सवालों के भी पुलिस ने जवाब दिए है।
- राजा परिहार
साइबर ठगी के बारे में बस सुनते है, ऐसा लगता है कभी हम इसका शिकार नहीं होंगे लेकिन पुलिस ने बताया है कि कभी जालसाज किसी को भी ठग सकते है ऐसे में सतर्क रहे। इस तरह के कॉल और ऐसे प्रलोभन से मैं सावधान रहूंगा।
- कैलाश चौकसे
थाने में साइबर डेस्क के खुलने के बाद हम लोगों को और अच्छे से जागरूक कर रहे, अखबारों में प्रकाशित खबर की कङ्क्षटग भी थाने में लगाई गई है। ताकि लोग उन्हें देख कर इस जालसाजी के बारे में समझ सके।
-मुकेश पटेल, प्रधान आरक्षक