
किसान लक्ष्मण यादव ने अपने खेत में लगी डीपी से बिजली कनेक्शन लिया। फिर खुद ही बिजली कंपनी की तरह वितरक बन बैठा। उसने नदी पार उत्तरप्रदेश के दो गांवों कैलगुवां और म्याओ तक तार बिछाकर 12 किसानों को कनेक्शन दे बैठा। इसके बदले में हर किसान से उसने 20 से 22 हजार रुपए वसूले। इतना ही नहीं, बिजली कंपनी की तरह ही वह मेंटेनेंस के नाम पर भी वसूली करता रहा। बिजली कंपनी ने चोरी पकड़ी तो हैरत में पड़ गई। कंपनी ने प्रकरण बनाया है। कार्रवाई के लिए पुलिस में शिकायत की है।
मोहनगढ़ वितरण केंद्र के सहायक यंत्री नितिन बाथम ने बताया, मालपीथा गांव से निकली जामनी नदी के पास लक्ष्मण यादव का खेत है। डीपी से लक्ष्मण ने पिता रामदास के नाम अस्थायी कनेक्शन लिया। यूपी के कैलगुवां म्याओ गांव के 12 किसानों को कनेक्शन दिए। हमारी टीम ने देखा लक्ष्मण ने पेड़ों के सहारे नदी पार कर लाइन बिछा दी थी। यूपी के किसान जय सिंह, बृजेश, निर्वान, जाहर सिंह की मोटर जब्त की। सभी ने बताया, लक्ष्मण को कनेक्शन के लिए 20 से 22 हजार रुपए दिए थे।
बिजली चोरी पकड़ी गई तो लक्ष्मण ने बताया, उसने किसानों से कनेक्शन के लिए 10,500 रुपए लिए थे। लाइन के रखरखाव के लिए 10 हजार रुपए अलग से लिए थे। आंधी-पानी में तार टूटने पर मरम्मत करते थे।
Published on:
07 Dec 2024 08:42 am
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