Patrika Raksha Kavach : पत्रिका रक्षा कवज अभियान के तहत साइबर फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पढें पूरी खबर और रहे सुरक्षित...।
Patrika Raksha Kavach : पत्रिका रक्षा कवज अभियान के तहत साइबर फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। डिजिटल अरेस्ट से लेकर बैंक खातों में सेंध लगाने जैसे मामले हर रोज सामने आ रहे हैं। साइबर जागरूकता के लिए पत्रिका के अभियान के तहत शनिवार को अरेरा कॉलोनी में आयोजन हुआ। इसमें वंदे मातरम समिति के पदाधिकारियों सहित कई कारोबारी और समाजजन शामिल है। साइबर एक्सपर्ट शोभित चतुर्वेदी ने यहां टिप्स दिए।
इस मौके पर पयोज जोशी, शेखर दुबे, सुनील पांडे, हेमंत कपूर, रूपेश भाटिया सहित कई लोग मौजूद थे। साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि साइबर से जुड़े मामलों को लेकर अपडेट रहें। ऐसे कई मामले आ चुके जहां दूसरे के दस्तावेजों का उपयोग का फर्जीवाड़ा किया गया। ऐसे में अपना रेकॉर्ड हमेशा चेक करते हैं।
मोबाइल दैनिक जरूरत हो गई है। साइबर फ्रॉड के मामलों में अपराधी इसी का इस्तेमाल करते हैं। अनजान क्यूआर कोड को स्कैन न करें, अनजानी लिंक पर क्लिक न करें। व्यक्तिगत, बैंक खाते की जानकारी मोबाइल में सेवा न करें और मोबाइल का पासवर्ड स्ट्रांग रखें।शोभित चतुर्वेदी, साइबर एक्सपर्ट
मोबाइल लेनदेन से लेकर परिवार जनों से बातचीत का बड़ा माध्यम है। इसमें सावधानी बरतना जरूरी है। आप जागरूक बनें और परिवारजनों को भी इसकी जानकारी दें।-हेमंत कपूर, कारोबारी
पत्रिका बचाव के तरीके बताने के साथ लोगों को जागरुक भी कर रहा है। साइबर से जुड़ी कई जानकारी ऐसी मिली जिनकी जानकारी नहीं थी। जानकारी ही बचाव है।-सुनील पांडे, कारोबारी
मोबाइल के उपयोग के दौरान लोगों को सावधानियों की जानकारी नहीं। इसी कारण फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। लोग जागरूक होंगे तो ऐसे अपराधों पर रोक लगेगी।-पयोज जोशी, अध्यक्ष वंदे मातरम समिति
डिजिटल अरेस्ट के केस सुनने को मिल रहे हैं। इस ठगी से लोग परेशान हैं। बचने के तरीके जानना चाह हैं। अनजान लिंक और अनजान नंबर के प्रति हमेशा जागरुक रहें।-शेखर दुबे, समाजसेवा
अगर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं तो इससे जुड़ी सावधानियां जानना भी जरूरी है। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सबसे उचित है कि आप जागरूक रहें। साइबर फ्रॉड करने वाले नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कई बार लालच तो कहीं जानकारी की कमी से ठगी का शिकार बन जाते हैं। — रुपेश भाटिया, व्यवसायी