
भोपाल। राजधानी में पटवारियों की कमी के चलते एक-एक पटवारी पर चार-चार हल्कों का प्रभार है। जब भी काम की बात करते तो ओवरलोड का बहाना बनाकर पटवारी टाल देते थे।
इस कमी को दूर करने के लिए 20 मार्च को ट्रेनिंग लेकर आए 140 पटवारियों में से 111 पटवारियों को हुजूर, कोलार और बैरसिया तहसील में तैनाती संबंधी निर्देश कलेक्टर ने जारी कर दिए थे।
हैरानी की बात ये है कि जो पटवारी अब तक लोड का बहाना बनाते थे उनमें से कई पटवारी नए ट्रेंड पटवारियों को चार्ज ही नहीं सौंप रहे। इस मामले में तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार तक उनकी मदद कर रहे हैं। इससे साफ होता है कि पहले पटवारी सिर्फ बहाना बनाते थे।
नए पटवारी मशीने से करेंगे सीमांकन
पुराने पटवारी सीमांकन के मामले में पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में पटवारी आज भी सीमांकन करने वाली इलेक्टोरल टोटल मशीन नहीं चला पाते हैं। इस कारण उन्हें निजी एजेंसी की मदद लेनी पड़ती है।
हाल की में भर्ती किए गए इन पटवारियों को बाकायदा ये मशीन चलाने की ट्रेनिंग दी गई है। ये लोग नए हैं और पुराने पटवारी से ज्यादा तेजी से सीमांकन कर सकते हैं। लेकिन इनको मौका नहीं मिलने से तहसीलों में एक नई राजनीति शुरू हो गई है।
दो दिन से पुरानी जेल पर लगी है ड्यूटी
कौन सी ईवीएम, वीवीपेट किस बूथ पर जाएगी इसकी गणना करने के लिए पिछले दो दिन से आरआई पटवारियों की ड्यूटी पुरानी जेल स्थित स्टॉग रूम में लगी है। यहां पर 2253 बूथों के अलग-अलग सेट तैयार किए जा रहे हैं। जिनकी चेकिंग भी की जा रही है।