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भोपाल में बसने जा रहा मिनी सिटी! एक ही कैंपस में घर, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और मार्केट भी

Bhopal Integrated Township: राजधानी भोपाल के तीन अलग-अलग क्षेत्रों में काम शुरू, मिनी सिटी बसाने इंदौर की तीन कंपनियों ने कराया पंजीयन
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Bhopal Integrated Township

Bhopal Integrated Township: नई हाउसिंग पॉलिसी के तहत भोपाल में बसेगा मिनी शहर। (प्रतिकात्मक तस्वीर: AI Generated)

Bhopal Integrated Township: आने वाले समय में राजधानी में ऐसे टाउनशिप दिखाई देंगे जहां एक ही कैंपस में सारी सुविधाएं मौजूद होंगी। यानी भोपाल की पहचान में एक और तमगा जुड़ने जा रहा है। नई हाउसिंग पॉलिसी के तहत एक ही कैंपस के भीतर मकान, दुकान, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मार्केट की सुविधाएं मिलेंगी।

इंटीग्रेटेड टाउनशिप 40 हेक्टेयर की होगी, जो सुविधाओं के मामले में उपनगर जैसी होगी। लोग लंबी दूरी तय किए बिना रह सकते हैं। काम कर सकते हैं। पढ़ाई कर सकते हैं। खरीदारी कर सकते हैं और आराम कर सकते हैं।

भोपाल की तीन एजेंसियों का पंजीयन पेंडिंग

भोपाल में भौंरी, नरसिंहगढ़ रोड, कोलार में एक साथ तीन प्रोजेक्ट लॉन्च (Bhopal Integrated Township New Policy)होने के साथ ही इस तरह के कैंपस बनाने का काम शुरू होने जा रहा है। टीएंडसीपी ने छह एंजेसियों का पंजीयन कर लिया है और सात एजेंसियां कतार में हैं। टाउनशिप को लेकर योजना बनाने और जमीनी काम शुरू हो सकते हैं। अभी जिन एजेंसियों का पंजीयन हुआ है, वे इंदौर की हैं। लेकिन प्रदेशभर में कहीं भी काम कर सकती हैं।

इन इलाकों का चुनाव क्यों

टीएंडसीपी इन मिनी शहर को बसाने के लिए भौंरी के साथ ही नरसिंहगढ़ रोड, कोलार के कजलीखेड़ा के क्षेत्र को बेहतर मान रही है। दरअसल पॉलिसी के तहत 24 से 30 मीटर चौड़ी रोड चाहिएं और यहां ऐसी सड़कें हैं, जो इस एरिया को इस प्रोजेक्ट के लिए अहम बना रही हैं। अयोध्या बायपास दस लेन प्रोजेक्ट बनने के बाद सैटेलाइट टाउनशिप (Bhopal Integrated Township Minsi city) के लिए ये एक बड़ा क्षेत्र हो सकता है। यहां हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां पहले से हैं।

डेवलपर नहीं कर सकेंगे मनमानी

इस पॉलिसी के तहत विकसित होने वाली टाउनशिप को कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति तय करेगी। डेवलपर प्रोजेक्ट (Bhopal Integrated Township development) बनाकर इसे प्रति तीन माह में कलेक्टर की समिति की बैठक में रखेंगे। मंजूरी के बाद जिले की सभी सरकारी एजेंसियां मिलकर टाउनशिप का काम पूरा कराने के लिए प्रयास शुरू करेंगी। इस इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए न्यूनतम 40 हेक्टेयर जमीन, राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग या न्यूनतम 30.0 मीटर चौड़ी सड़क से कनेक्टिविटी जरूरी है। अंतिम स्वीकृति मिलने के 6 महीने के भीतर ही डेवलपर को काम शुरू करना होगा।

डेवलपर्स का किया जा रहा पंजीयन

डेवलपर्स (Bhopal Integrated Township Developers) का पंजीयन किया जा रहा है। जिला प्रशासन के माध्यम से प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि आवास की दिक्कतें दूर हो जाएं। शहरी क्षेत्र से भार घटने के साथ व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र बनाने की तैयारी है।

-कौशलेंद्र विक्रम सिंह, डायरेक्टर टीएंडसीपी